Bihar : पटना की फिजाओं में इन दिनों सरगर्मी है, गली-चौराहों से लेकर चौपालों तक, संभावना है कि चुनाव आयोग अगले हफ्ते बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर सकता है। मंगलवार को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जायेगी। 22 साल बाद विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद तैयार हुई ये सूची लोकतंत्र की नई गवाही है। इस सूची में सुधार और आपत्तियों का दौर अब पूरा हो चुका है। प्रारूपिक सूची में 7.24 करोड़ मतदाता दर्ज थे। 1 अगस्त को जारी प्रारूपिक सूची में नागरिकों ने 1 सितंबर तक सुधार दर्ज कराये। चुनाव आयोग की टीम 4 और 5 अक्तूबर को पटना पहुंचेगी। तैयारियों की समीक्षा के बाद अगले हफ्ते चुनावी कार्यक्रम का ऐलान होने की उम्मीद। 3 अक्तूबर को आम, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की अहम बैठक होगी। बिहार विधानसभा की 243 सीटों का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त होगा।
छठ के बाद बजेगा लोकतंत्र का नगाड़ा
पहले चरण की वोटिंग अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना। पिछली बार चुनाव कोविड की छाया में तीन चरणों में हुआ था, इस बार भी सुरक्षा इंतजाम पुख्ता रहेंगे। विपक्ष ने मतदाता सूची संशोधन पर सवाल उठाये, दावा किया कि करोड़ों नागरिकों का नाम कट सकता है। चुनाव आयोग का साफ कहना है कि “न किसी योग्य मतदाता का नाम कटेगा, न किसी फर्जी नाम को जगह मिलेगी।” बिहार की सियासत इस बार फिर दो ध्रुवों में बंटने जा रही है, NDA_ जदयू, भाजपा, हम, एलजेपी (रामविलास) जैसे पुराने साथी। इंडिया गठबंधन: राजद, कांग्रेस, लेफ्ट, वीआईपी समेत कई विपक्षी दल। पटना की सड़कों पर ठंडी होती शाम में चाय की दुकानों पर बहस गर्म है। गांव के आंगन से लेकर शहर की गलियों तक, लोग कह रहे, “इस बार बदलाव की हवा चलेगी या सत्ता का किला फिर मजबूत होगा?”










