Kohramlive : भारतीय सेना द्वारा किये गये ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में नाकाम और बुरी तरह मात खाने के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को प्रमोशन मिला है। उन्हें फील्ड मार्शल का रूतबा दे दिया है। भारत से मात खाने के बाद मुनीर ने भारत के खिलाफ जमकर झूठ फैलाया था। मुनीर के झूठे प्रोपेगेंडा से खुश होकर पाकिस्तान की सरकार ने उन्हें तोहफे के तौर पर ये पद दिया है। असीम मुनीर पाकिस्तान सेना में इस पद तक पहुंचने वाले दूसरे सेना प्रमुख हैं। पाकिस्तान के इतिहास में आसिम मुनीर से पहले 1959 में अयूब खान को फील्ड मार्शल बनाया गया था।
अब तक सिर्फ एक ही ‘फील्ड मार्शल’
1959 में जनरल अयूब खान के बाद असीम मुनीर पाकिस्तान के इतिहास में दूसरे फील्ड मार्शल बने हैं। मगर अयूब सत्ता में भी आये थे, जबकि मुनीर का नाम सिर्फ साजिशों के सौदागर के तौैर पर उछलता रहा। पुलवामा हमले से लेकर ऑपरेशन टॉप सीक्रेट तक उनकी भूमिका संदेह से घिरी रही। पूर्व में ISI और मिलिट्री इंटेलिजेंस के चीफ रह चुके मुनीर को भारत विरोधी साजिशों का मास्टरमाइंड माना जाता है। पुलवामा में CRPF पर हमला, LoC पर ड्रोन-हथियार तस्करी और अफगान बॉर्डर पर तालिबानी सौदे सबमें इनकी छाया रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर और इमरान खान के रिश्ते हमेशा तल्ख रहे। कहते हैं इमरान की सरकार गिराने में भी पर्दे के पीछे मुनीर की अहम भूमिका थी। अब शहबाज की सरकार ने उन्हें प्रमोशन देकर नवाजा है।
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