Ranchi : जहां उम्मीदें धड़कती हैं और सपने किताबों की जिल्द से निकल आसमान छूते हैं, वहीं एक नाम उभरता है, रांची। इस बार बोर्ड की परीक्षा में रांची ने कमाल कर दिखाया। जैसे किसी मां की दुआ रंग लाई हो, रांची के नौनिहालों ने मेहनत की मशाल जलाकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया। पिछले बरस इक्कीसवें पायदान पर था, इस बार छलांग लगाकर बन गया नंबर दो। 35828 बच्चों में से 97.71% को मिली प्रोन्नति की सौगात, जैसे हर घर में दीये जले हों। लेकिन ये चमत्कार अचानक नहीं हुआ। इसकी जमीन उस दिन बनी जब रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री ने संकल्प लिया “हर बच्चा आगे बढ़ेगा, हर सपना साकार होगा।” तभी तो JAC की तर्ज पर OMR शीट पर हुई परीक्षा ने बच्चों को दिलाई असली बोर्ड का अनुभव।
और जब कुछ बच्चे पीछे रह गये, तो उन्हें नहीं छोड़ा गया, स्पेशल क्लासों का उजाला लेकर शिक्षक उनके घर-घर पहुंचे। पढ़ाया, समझाया, फिर से जगाया आत्मविश्वास का दीप। CM हेमंत सोरेन का सपना था, “हर बच्चे को मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।” रांची ने उस सपने को साकार कर दिखाया। बस, अब यही उम्मीद, कि ये नन्हे परिंदे कल आसमान की ऊंचाइयों को छुयेंगे। वहीं, रांची का नाम, देश के नक्शे पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा।
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