Ranchi : झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये 1.58 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया। इस बजट को “अबुआ दिशोम बजट” नाम दिया गया है। सरकार ने साफ किया, फोकस युवा, महिला और किसान पर रहेगा। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास केंद्र के सहयोग के बिना संभव नहीं। केंद्रीय करों में ₹5,000 करोड़ और अनुदान के ₹11,000 करोड़ अब तक नहीं मिले। GST दर युक्तिकरण से राज्य को हर साल ₹4,000 करोड़ की क्षति हो रही। VB-G RAM G योजना में 60:40 हिस्सेदारी से ₹5,640 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा। कोल कंपनियों पर ₹1.36 लाख करोड़ बकाया है।
बजट के बड़े ऐलान
- हेमंत सरकार ने सरकारी शिक्षा ढांचे को मजबूत करने का ऐलान किया।
- धनबाद में 2 और पलामू, लातेहार, गढ़वा में 1-1 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय।
- 100 नये CM School of Excellence की शुरुआत।
- शहीदों के आश्रितों के लिए आदर्श विद्यालय।
- 17 पॉलिटेक्निक संस्थान, IIT/NIT मॉडल पर विकसित।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े कदम
- 750 अबुआ दवाखाना खोलने की घोषणा।
- लातेहार, साहेबगंज और सरायकेला सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड किया जायेगा।
किसानों पर खास फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को ऋणमुक्त करना और आय बढ़ाना है। PLFS रिपोर्ट के मुताबिक कृषि क्षेत्र में रोजगार 44.3% से बढ़कर 50.4% हो गया है, सरकार इसे अपनी नीतियों का असर बता रही है।कुल मिलाकर, “अबुआ दिशोम बजट” में विकास के बड़े दावे हैं, लेकिन केंद्र-राज्य वित्तीय टकराव भी खुलकर सामने आया है।




