Giridih : कंधे का दर्द लेकर इलाज कराने पहुंचे राजकुमार पासवान शायद यह सोचकर क्लीनिक गये थे कि दर्द से राहत मिलेगी। लेकिन इलाज के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और फिर उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गिरिडीह शहर के झिंझरी मोहल्ले में चल रहे कथित फर्जी फिजियोथेरेपी क्लीनिक को लेकर सवाल खड़े हुये। मामले में करीब दो महीने से फरार चल रहे आरोपी डॉ. एनके सिन्हा को आखिरकार पुलिस ने देवघर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को बुधवार को सूचना मिली कि आरोपी देवघर में एक किराये के मकान में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी की। अहले सुबह करीब चार बजे पुलिस टीम ने किराये के मकान में छापेमारी की और डॉ. एनके सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कंधे के दर्द का इलाज कराने पहुंचे थे राजकुमार
मामला पचंबा थाना क्षेत्र के 28 नंबर निवासी राजकुमार पासवान से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार राजकुमार कंधे में दर्द की शिकायत लेकर डॉ. एनके सिन्हा के क्लीनिक पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद राजकुमार की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद अहले सुबह उनकी मौत हो गई। राजकुमार की मौत की खबर फैलते ही क्लीनिक के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने जमकर हंगामा किया। माहौल बिगड़ता देख आरोपी डॉक्टर अपने पूरे परिवार के साथ वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिये संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू की। करीब दो महीने तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। आखिरकार बुधवार को पुलिस को उसके देवघर में किराये के मकान में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस ने बिना देर किये टीम तैयार की और तड़के मकान को घेर फरार डॉक्टर को अरेसट कर लिया।







