Dumka : 17 अप्रैल की वह काली रात, एक मासूम की चुप्पी और उसकी दर्दनाक मौत की कहानी लेकर आई। मसलिया थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में, जहां हर सुबह हवा में खुशबू घुली रहती थी, उसी गांव के एक खेत में, एक नाबालिग लड़की का अर्धनग्न शव पाया गया था। कोई भी नहीं जानता था कि उस लड़की की मासूमियत, किसी के लिये कितनी भयंकर सजा बन सकती है।
दुमका के SP पीताम्बर सिंह खेरवार ने मीडिया के सामने जैसे ही मामले का खुलासा किया, हर कोई हैरान रह गया। एक भयानक सच्चाई सामने आई। हत्या की यह दिल दहला देने वाली कहानी सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि रिश्तों के खोखलेपन को भी उजागर कर रही थी। एक बाप के भाई, यानी चाचा ने अपनी ही भतीजी की जिंदगी खत्म कर दी थी, और कारण—सिर्फ उसकी मासूमियत। दुष्कर्म के बाद, जब लड़की ने अपराध का खुलासा करने की धमकी दी, तो घबराये हुये गुनहगार चाचा ने उसे लातों-घूसों और डंडे से मारकर मौत के घाट उतार दिया। 16 अप्रैल की शाम सात बजे, जब लड़की शौच के लिये निकली, तो चाचा भी अपने घर से गायब था। उसकी पत्नी अपने पति को तलाश करने निकल पड़ी थी, और उसी समय, घटनास्थल पर पुलिस की जांच में, खोजी कुत्ता आरोपी के घर तक पहुंचा। यह संयोग नहीं था। यह एक शातिर दिमागी साजिश थी, जो परिवार के भीतर से फूटी थी। जब पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। एक मासूम की जान चली गई, सिर्फ इसलिए कि उसके चाचा ने अपनी पवित्रता को भुला दिया था।












