Ranchi (Akhilesh Kumar) : रांची के टाटीसिल्लवे थाना क्षेत्र के महिलौंग की उस वीरान गोदाम में शाम जैसे ठहर गई थी। CCTV में दर्ज हुआ एक टूटता हुआ इंसान, मो. जिसान। उधमसिंह नगर का रहने वाला यह 32 साल का नौजवान, ना जाने किस बोझ को लेकर नोएडा से माल लाया था और दर्द का डिब्बा अपने भीतर समेटे बैठा था। शराब की बोतल खुली, दिल का तूफान भी साथ बह निकला। मोबाइल पर किसी से बहस, शायद बीवी से, एक तकरार, एक चीख और फिर एक खामोश लिपट जाना डाले के पीछे की रस्सी से। CCTV ने उसका आखिरी संवाद रिकॉर्ड किया, और गोदाम के गार्ड ने जब उसकी लटकी देह देखी, तो जैसे रात हमेशा के लिए गूंगी हो गई। न कोई अलविदा, न सुलह सिर्फ़ एक झूलती हुई चुप्पी। उधर, नामकुम के खरसीदाग ओपी क्षेत्र के तेतरी गांव में 65 वर्षीय रामू नायक की दुनिया कुछ और ही लिख रही थी। जंगल की घनी छांव और एक पेड़ की शांत शाख और उस पर झूलता हुआ एक गमछा, जिसने रामू की जिंदगी से आखिरी धागा भी तोड़ दिया। डहुटोली के उस सन्नाटे में सिर्फ़ हवा की सरसराहट थी और पुलिस के सायरन की हल्की गूंज, कोई चिट्ठी नहीं, कोई शिकायत नहीं, सिर्फ एक सवाल छोड़ गया रामू, “क्या जीने की जरूरत खत्म हो गई थी या सुनने वाला कोई बचा ही नहीं था?”












