TRENDING : अब तक दुनिया जिसे एक पुरुष पुजारी की ममी मान रही थी, वह एक गर्भवती महिला की ममी निकली। ये दुनिया का पहला ऐसा मामला होगा, जिसमें गर्भवती महिला की प्राचीन ममी इतनी सुरक्षित हालत में रखी हुई है। साइंटिफिक जांच के बाद इस बात का खुलासा हुआ है कि ये पुरुष नहीं गर्भवती महिला की ममी है।

इसे भी पढ़ें : ब्यूटी पार्लर में तैयार हो रही थी दुल्हन, दूल्हे के मैसेज ने उड़ाया होश, और फिर…
ताबूत पर लिखा था पुरुष पुजारी का नाम
पोलैंड के शोधकर्ता मारजेना ओजारेक जिल्के ने बताया ये दुनिया का पहला ऐसा केस है, जिसमें किसी गर्भवती महिला की ममी इतनी सुरक्षित हालत में है। ये ममी वॉरसॉ में 1826 में आई थी। इसकी ताबूत पर पुरुष पुजारी का नाम लिखा था।

इसे भी पढ़ें : BREAKING : इंडिया के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का कोरोना से निधन
भ्रूण के अंदर छोटे हाथ और पैर
मारजेना ने बताया कि जब हमने एक्स-रे और कंप्यूटर टेस्ट करके पता किया तो हम हैरान रह गए। इस ममी के शरीर पर पुरुषों वाले जननांग नहीं थे। इस ममी के लंबे बाल थे और महिलाओं की छाती थी। इसके अलावा इसके पेट में बच्चा भी था। हमने भ्रूण के अंदर छोटे हाथ और पैर देखे। ये खोज हमारे लिए हैरानी और खुशी से भरा हुआ था।

इसे भी पढ़ें : BREAKING : दिल्ली के LG अनिल बैजल हुए कोरोना पाजिटिव, खुद को किया होम आइसोलेट
की गई है इस ममी की जांच
मारजेना ने बताया कि हमारा मानना है कि यह गर्भवती महिला 20 से 30 साल के बीच ममी के पेट में बच्चे के सिर के आकार से पता लगता है कि वह करीब 26 से 28 हफ्ते का होगा। वॉरसॉ नेशनल म्यूजियम स्थित ममी प्रोजेक्ट में इस ममी की जांच की गई है। इसकी रिपोर्ट जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस में पोलिस एकेडमी ऑफ साइंसेस के साइंटिस्ट वोजिसयेक एसमंड ने कहा कि ये हमारे लिए बेहद हैरानी वाली खोज थी। इससे हम प्राचीन समय की गर्भवस्था, ट्रीटमेंट और महिलाओं की हालत समझ सकते हैं।















