Ranchi : चिकित्सा शिक्षा और सर्जरी की दुनिया में 16 अक्टूबर की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) के सर्जरी विभाग में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) झारखंड चैप्टर के सहयोग से “थायरॉइड सर्जरी और लिम्फ नोड पर उन्नत सर्जिकल तकनीकों” पर केंद्रित एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ, जिसने डॉक्टरों को नई दिशा दिखाई, वहीं, झारखंड में सर्जिकल शिक्षा का स्तर ऊंचा करने की ठोस पहल भी की गई।
रिम्स ट्रॉमा सेंटर के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में राज्यभर से 150 से अधिक सर्जन और स्नातकोत्तर छात्र शामिल हुये। “मिनिमली इनवेसिव थायरॉइड सर्जरी” और “सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी” जैसे अत्याधुनिक विषयों पर यह आयोजन एक जीवंत पाठशाला में तब्दील हो गया। इस कार्यशाला की सबसे बड़ी खासियत थी, प्रसिद्ध सर्जन संजय कुमार यादव (जबलपुर), जिन्होंने लाइव सर्जिकल डिमॉन्स्ट्रेशन कर न सिर्फ तकनीकें समझाई, बल्कि हर स्टेप पर व्यावहारिक अनुभव भी साझा किया। यह पूरा आयोजन रिम्स सर्जरी विभागाध्यक्ष डी. के. सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद है कि अत्याधुनिक सर्जिकल ज्ञान को सीधे युवा सर्जनों तक पहुंचाना, ताकि झारखंड में भी विश्वस्तरीय सर्जरी हो सके। डॉ. यादव के अनुभव और प्रतिभागियों की ऊर्जा ने इसे यादगार बना दिया। कार्यशाला में पूर्व राष्ट्रीय एएसआई अध्यक्ष डॉ. आर. पी. श्रीवास्तव, झारखंड एएसआई अध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार अग्रवाल, सचिव डॉ. राजेश कुमार सिंह, कार्यकारी सदस्य डॉ. विजय कुमार और डॉ. आजाद समेत कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने शिरकत की।
कार्यक्रम की शान बने रिम्स सर्जरी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. वी. के. जैन, डॉ. जे. प्रसाद, डॉ. एन. के. झा, डॉ. आर. जी. बाखला और डॉ. शीतल मलुआ। वहीं, सीनियर फैकल्टी में डॉ. पंकज बोदरा, डॉ. विनय, डॉ. मृत्युंजय मुंडू, डॉ. मार्शल केरकेट्टा, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. निशित एक्का, डॉ. जेनिथ, डॉ. अजय कुमार और डॉ. खुशबू रानी ने कार्यक्रम को अपनी उपस्थिति से समृद्ध किया। संचालन डॉ. इंदु शेखर ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर टाटा कैंसर संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. एम. एम. पांडेय, ऑर्किड मेडिकल सेंटर से डॉ. गीता, सांतिविटा से डॉ. एस. एन. मुखर्जी, राज अस्पताल से डॉ. आशीष, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुमेधा राणा, डॉ. अंकित जयपुरियार और डॉ. विश्वनाथ सहित कई अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सक भी मौजूद रहे।




