Ranchi (Pawan Thakur/Ranjit) : वक्त और हालात ऐसी हो गई है कि जरा सा माथा दर्द, छींक, बदन दर्द और हल्का-फुल्का बुखार हो जाये तो मन सहसा घबराने लगता है। इधर-उधर से सुनी-सुनाई बातों से घर के बुजुर्गों का भी कलेजा फटने लगता है। उन्हें यह डर सताने लगता है कि कहीं उनका बचवा मलेरिया, डेंगू का शिकार तो नहीं हो गया। इन दिनों डेंगू लोगों को ज्यादा डरा रहा है। डेंगू के लक्षण जगजाहिर होते ही लोग आम तौर पर देशी इलाज के जुगाड़ में जुट जाते हैं। नतीजा बकरी का दूध ब्लैक में बिकने लगा। हालांकि बकरी के दूध में कितना दम है इसका साइंस में कोई प्रमाण नहीं है। कीवी औऱ पपीते के पत्ते को उबाल को पीने पर डॉक्टर भी जोर देते हैं। बदलते मौसम के चलते हॉस्पिटल और क्लिनिक में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है।
डेंगू को हल्के में लेना घातक : डॉ भदानी
राजधानी रांची के जानेमाने मशहूर फिजिशियन और हृद्य रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार भदानी भी दंग हैं। उनका कहना है कि हर रोज 4 से 5 मरीज ऐसे आते हैं, जिनमें डेंगू का लक्षण रहता है। डेंगू से बचने का सबसे सरल उपाय है साफ-सफाई और मच्छरों के डंक से खुद को बचाना। एक मच्छर इंसान को बेड पर ले जा रहा है। डॉ भदानी का कहना है कि अगर अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, मसल पेन, उल्टी या जी मचलाना, शरीर पर लाल चकत्ते का झलकना… ये सारे लक्षण शरीर में दिखाई पड़े तो पेशेंट को समय रहते जाग जाना चाहिए। जानलेवा साबित हो रहे डेंगू को हल्के ढंग में लेना भी घातक है। कभी-कभी नाक, मसूड़ा, मल द्वार से खून का आना भी डेंगू के लक्षण बताये गये। पुराने असाध्य रोग जैसे शुगर, बीपी, किडनी, लिवर जनित रोग से पीड़ित लोगों को ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। किस तरह से डेंगू को मात दिया जा सकता है सुनें डॉ भदानी की जुबानी…
इसे भी पढ़ें : मैसिव ब्रेन हेमरेज, खर्चा बताया 18 लाख, यहां ठीक हो गये केवल 5 हजार में…. देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : ”मेरा बेटा देश की शान, देश पर हुआ कुर्बान”.. मां ने यूं दी बेटे को अंतिम विदाई
इसे भी पढ़ें : 62 IPS अफसर इधर से उधर… देखें पूरी लिस्ट
इसे भी पढ़ें : फिर एन’काउंटर…
इसे भी पढ़ें : Weekly Horoscope (May 4 to 10, 2026) : सितारों ने लिखी 12 राशियों की नई कहानी… जानें
इसे भी पढ़ें : RBI के डिप्टी गर्वनर बने रोहित जैन…
इसे भी पढ़ें : पटरी पर दो धड़कनों का दर्दनाक अंत…






