Ranchi : राजधानी रांची में सात दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू हो गया। इस बार अभियान में ट्रैफिक SP राकेश सिंह, सिटी SP पारस राणा और ग्रामीण SP गौरव गोस्वामी खुद शामिल हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सघन चेकिंग के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के पहले दिन सबसे ज्यादा जोर बिना हेलमेट बाइक और स्कूटी चलाने वालों पर रहा। अभियान के दौरान सिटी SP पारस राणा ने साफ कहा कि पुलिस का उद्देश्य चालान काटकर राजस्व जुटाना नहीं है। असली मकसद लोगों को सुरक्षित रखना और सड़क हादसों को कम करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोगों को लगता है कि पुलिस चेकिंग सिर्फ जुर्माना वसूलने के लिये करती है, लेकिन पुलिस की प्राथमिकता लोगों की जिंदगी बचाना है। इसी वजह से फिलहाल बिना हेलमेट पकड़े जाने वाले बाइक और स्कूटी सवारों को समझाया जा रहा है। उन्हें हेलमेट की अहमियत बताई जा रही है और सड़क पर खुद की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की जा रही है। हालांकि, वाहन के वैध कागजात नहीं होने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा रहा है। रांची पुलिस का यह विशेष अभियान अगले एक सप्ताह तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में जारी रहेगा। पुलिस का प्रयास सिर्फ नियम तोड़ने वालों को पकड़ना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में स्थायी बदलाव लाना है।
रफ्तार पर भी लगाम जरूरी
ट्रैफिक SP राकेश सिंह ने बताया कि सभी थाना क्षेत्रों के प्रभारियों को विशेष अभियान के लिए सक्रिय किया गया है। हाल के दिनों में सड़क हादसों में बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार चालान कटने के बावजूद लोग अपनी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतते हैं। वाहन चालकों से अपील की गई कि वे निर्धारित गति सीमा में वाहन चलायें और नशे की हालत में ड्राइविंग बिल्कुल न करें। क्योंकि सड़क पर की गई कुछ सेकंड की लापरवाही का असर सिर्फ चालक तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक पूरा परिवार जिंदगी भर का दर्द झेल सकता है। ग्रामीण SP गौरव गोस्वामी ने सड़क हादसे में घायल लोगों की मदद को लेकर भी आम लोगों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सड़क पर कोई घायल व्यक्ति दिखाई दे तो उसे मदद की जरूरत है, ऐसे में लोग बिना डर के उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचायें। मदद करने वाले लोगों को पुलिस की ओर से परेशान नहीं किया जायेगा। उन्होंने ‘गोल्डन आवर’ की अहमियत समझाते हुये कहा कि हादसे के बाद का शुरुआती एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान घायल को समय पर इलाज मिल जाये तो उसकी जान बचने की संभावना बढ़ सकती है।





