UP : शनिवार की दोपहर आगरा के एक कोने में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, धूल का तूफान, और फिर पांच दुकानें जमींदोज हो गई। त्रिलोकी की परचून, ब्रजेश का भरोसा, अर्जुन मजदूर का पसीना और दीपक का मुस्कुराता चेहरा – सब मलबे में दब गये। दो भाई – किशन और विष्णु.. उसी मलबे में हमेशा के लिए खामोश हो गये। उपाध्याय परिवार के भाई किशनचंद और विष्णु – अपने हिस्से की दो दुकानों को जोड़ने का ख्वाब बुन रहे थे। दीवार टूटनी थी…दोनों भाई दुकानों के बीच की दीवार तोड़कर दायरा बड़ा करा रहे थे। तभी यह भयानक हादसा हो गया। धूल की लहर में पहले लोगों को भूकंप का भ्रम हुआ, बम की आशंका बनी… बाद में सच्चाई सामने आई। यह बड़ा हादसा आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में हुआ। हादसे के बाद पुलिस, जेसीबी, अफसर… सब जुटे और फिर रेस्क्यू का काम शुरू हुआ।













