Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में शनिवार को न्याय का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे जिले में एक मिसाल कायम कर दी। राष्ट्रीय लोक अदालत के मंच पर वर्षों से लंबित हजारों मामलों का समाधान हुआ और लोगों को तुरंत राहत मिली। दिनभर चले इस अभियान में रिकॉर्ड 1,38,447 मामलों का निपटारा किया गया, वहीं ₹4.07 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली भी हुई। यह आयोजन National Legal Services Authority और Jharkhand State Legal Services Authority के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन न्यायमूर्ति सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने Jamshedpur से किया। लोक अदालत को सफल बनाने के लिये गढ़वा और Nagar Untari में कुल 14 न्यायिक पीठों का गठन किया गया।
गढ़वा व्यवहार न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद, प्रधान न्यायाधीश (कुटुम्ब न्यायालय) मनोज चन्द्र झा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार, सत्र न्यायाधीश तृतीय शिवनाथ त्रिपाठी सहित कई न्यायिक पदाधिकारियों ने मामलों की सुनवाई की। लोक अदालत में विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान किया गया। इनमें नगर परिषद व अन्य विभाग : 1,34,979 मामले, राजस्व (रेवेन्यू) 2,551 मामले, बैंक संबंधी मामले 268, आपराधिक शमनीय मामले 322, बिजली विभाग 167 मामले, कुटुम्ब न्यायालय (पारिवारिक विवाद) 41 मामले, मोटर वाहन अधिनियम 3 मामले, सिविल मामले 4 शामिल रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव निभा रंजना लकड़ा ने बताया कि इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय न्यायालय कर्मियों, पैनल अधिवक्ताओं, विधिक स्वयंसेवकों (PLV), जिला प्रशासन और मीडिया के सहयोग को जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम हुआ, बल्कि लोगों को आपसी समझौते के आधार पर सस्ता और सुलभ न्याय भी मिला।










