UP : वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर का तहखाना शनिवार को 54 साल बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित 11 सदस्यीय कमेटी की मौजूदगी में खोला गया। धनतेरस के शुभ मौके पर आज खोलने से पहले घी का दीपक जलाया गया, नीम की पत्तियां रखी गईं और पूजा-पाठ हुआ। चाबी न मिलने पर गैस कटर से ताले काटे गये। दरवाजा खुलते ही धूल का गुबार उठा और एक सांप भी मिला, जिसे डिब्बे में बंद कर दिया गया। लोक मान्यता है कि इस तहखाने की रक्षा स्वयं शेषनाग करते हैं, जिससे इसका रहस्य और भी गहराता है। अब तहखाने की सफाई के बाद अधिकारी अंदर गये और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है। माना जाता है कि तहखाने में 160 साल पुराना खजाना है जिसमें सोना, चांदी और कीमती रत्न हो सकते हैं। आखिरी बार यह तहखाना 1971 में खोला गया था। अब सभी की नजर इस पर है कि तहखाने से क्या-क्या निकलता है और उसकी आज की कीमत कितनी हो सकती है। तहखाना खुलने के बाद, जरूरी जांच और सूचीबद्ध प्रक्रिया के पूरा होते ही इसे फिर से सील कर दिया जायेगा।
54 साल बाद खुला बांके बिहारी मंदिर का रहस्यमयी तहखाना… शेष नाग करते है रक्षा!
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