- हाईकोर्ट में सीबीआई ने लालू यादव के दावे पर जवाब देने के लिए मांगा समय
- सीबीआई को 24 नवंबर तक देना होगा जवाब, नहीं मिल सकी बेल
रांची : Lalu प्रसाद यादव की बेल पर सुनवाई अब 27 नवंबर को, दिवाली-छठ जेल में ही बीतेगी। लालू प्रसाद को नहीं मिल सकी राहत। चारा घोटाले के दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत के लिए उन्हें अब 27 नवंबर का इंतजार करना होगा।
झारखंड हाईकोर्ट में लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। इस आग्रह को स्वीकार करते हुए जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने सीबीआई को 24 नवंबर तक का समय दिया और सुनवाई 27 नवंबर को निर्धारित कर दी। इस दिन यदि लालू प्रसाद को जमानत मिलती है तो वह जेल से बाहर आ जाएंगे।
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Lalu ने आधी सजा पूरी कर ली है
जमानत याचिका में लालू प्रसाद की ओर से कहा गया है कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में आधी सजा वह पूरी कर चुके हैं। इस मामले में वह पटना में भी जेल में रहे है। पटना में उन्होंने 10 महीने जेल में बिताया है। रांची में 10 दिसंबर 2017 से वह जेल में है। अब तक उन्होंने 42 महीने से अधिक सजा काट ली है।
लालू पर कुल पांच मामले अदालत में चल रहे
वर्तमान में रिम्स के कॉटेज में अपनी सजा काट रहे लालू प्रसाद को अब तक चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के दो और देवघर कोषागार से अवैध निकासी के एक मामले मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली चुकी है। अब सिर्फ दुमका मामले में जमानत मिलनी बाकी है। अगर इस मामले में उन्हें जमानत की सुविधा मिलती है, तो वे जेल से रिहा हो जाएंगे।
लालू प्रसाद पर कुल पांच मामले झारखंड में चल रहे हैं, जिसमें से उन्हें चाईबासा के दो, देवघर और दुमका के एक-एक मामले में सजा मिली है। वहीं, डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में अभी निचली अदालत में सुनवाई चल रही है।
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