RANCHI : झारखंड में अब गरीबों के निवाले पर भी केंद्र और राज्य का मामला अटक गया है। राशन वितरण के मामलों में इन्हें दो वर्गों में विभक्त कर दिया गया है। एक केंद्र के गरीब और दूसरे राज्य के गरीब। केंद्र के गरीबों को तो प्रधानंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत नवंबर तक फ्री राशन मिलेगा, लेकिन राज्य के गरीबों को इस योजना के तहत राशन के आवंटन पर पाबंदी लगा दी गई है। फिलहाल राज्य सरकार की तरफ से भी इनके लिए अलग से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में लगभग 11 लाख लोगों को खाने के लाले पड़ सकते हैं। इस मामले में फिलहाल न ही राज्य के अधिकारी कुछ बता पाने में सक्षम हैं और न ही जिला स्तर के डीलर।
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सराकारों की ऐसी है कार्ड नीति
गौरतलब है कि केंद्र के गरीब को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आच्छादित किया गया है, तो राज्य के गरीबों को झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम (JSFSA) के तहत रखा गया है। केंद्र सरकार के गरीबों को अंत्योदय कल्याण योजना के तहत 35 किलो अनाज और प्रायोरिटी हाउसहोल्ड के तहत 5 किलो प्रति सदस्य के तहत अनाज दिया जाता है। JSFSA के तहत आच्छादित जरूरतमंद गरीबों को ग्रीन कार्ड आवंटित किया गया है। इन्हें 1 रुपए प्रति किलो की दर से 5 किलो अनाज दिए जाते हैं।
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ग्रीन राशन कार्ड योजना का लक्ष्य
ग्रीन राशन कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य देश के सभी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रियायती दरों पर राशन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से कम से कम दामों में राशन उपलब्ध कराया जाना है। ताकि देश का कोई भी परिवार राशन प्राप्त करने से वंचित ना रह सके।
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