Ranchi (Pawan Thakur) : एक बार फिर से जाली नोट राजधानी और आसपास के बाजारों में खपने शुरू हो गये। पांच-पांच सौ रुपये के नये-नये नोट बाजारों में छा गये हैं। इन नोटों को ज्यादातर हाट-बाजार और तस्करों के बीच खपाया जा रहा है। इस बात का खुलासा आज तब हुआ जब प्रशिक्षु डीएसपी अंकिता राय ने फन कैसल पार्क के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार को रोका। पुलिस को देखते ही कार से उतरा एक शख्स काला बैग लेकर भागने लगा। पुलिस ने उसे खदेड़ कर दबोचा। उसने अपना नाम मो. सोहराब बताया। उसके पास से मिले बैग में पांच लाख रुपये थे। नोटों की जांच से पता चला कि सब के सब नकली नोट हैं। नकली नोट के कारोबार का नेटवर्क बहुत तगड़ा। इसे भेद पाना बहुत आसान नहीं। इससे पहले भी 2 हजार और पांच सौ के नकली नोट झारखंड के बाजारों में खपाये जा चुके हैं। कई बार जाली नोट के सौदागर पकड़े भी गये। पूरे नेटवर्क की गाथा रांची पुलिस की फाइल में पहले से दर्ज है। मोनोलिसा के रास्ते जाली नोट झारखंड पहुंचते हैं। इसका सरगनाह एक बांग्लादेशी मंडल है।
गिरफ्तार मो. सोहराब ने कई अहम जानकारी पुलिस को दे दी है। रांची के रुरल एसपी मो. नौशाद आलम ने प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा किया कि चतरा के अंसार नगर विंद मुहल्ला में रहने वाला मो सोहराब खूंटी जा रहा था। उसके साथ दो अन्य लोग भी कार में सवार थे इसमें उसका एक सगा भाई सदाम उर्फ गोल्डन है। यह लोग खूंटी में जाली नोट देकर अफीम की खरीदारी करने वाला था। सुनें क्या बोले रुरल एसपी मो नौशाद आलम…
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