Kohramlive : बुधवार की दोपहर जैसे ही आसमान का मिजाज बदला, पाकिस्तान के इस्लामाबाद और खैबर पख्तूनख्वा पर प्रकृति ने कहर बरपा दिया। करीब 35 मिनट तक चले भीषण ओलावृष्टि ने राजधानी को थाम कर रख दिया। सैकड़ों वाहन क्षतिग्रस्त, घरों की छतें, सोलर पैनल चकनाचूर, और सड़कें बर्फीले ओलों से पट गईं। सबसे ज्यादा नुकसान तारनोल, एफ-10, मदीना कॉलोनी, एयरपोर्ट सोसाइटी और गोलरा इलाकों में हुआ।
IESCO की लाइनें ध्वस्त हो गईं, बिजली के खंभे टूटे, कई इलाके अंधेरे में डूब गये। हालांकि IESCO की टीमें बहाली में जुटीं और कई क्षेत्रों में सप्लाई चालू कर दी गई। तेज बारिश से निचले इलाके जलमग्न हो गया। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गई, वहीं ट्रैफिक पूरी तरह जाम। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे ‘ठंडी राहत लेकिन विनाशकारी’ बताया। इस बीच NDMA ने चेतावनी दी है कि अप्रैल-जून के दौरान देशभर में तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा रहेगा। NDMA की अपील है कि सभी नागरिक सतर्क रहें, बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें। खेती, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका बड़ा असर हो सकता है।








