Ranchi : पहली JPSC टॉपर शालिनी विजय का शव केरल में मिला। वे यहां अपने भाई और मां के साथ रहती थी। कमरे में मां और भाई के भी शव थे। शुक्रवार को कोच्चि के त्रिक्काकारा इलाके में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क क्वार्टर में तीनों के शव मिले। शालिनी विजय के भाई मनीष विजय जीएसटी एडिशनल कमिश्नर थे। वहीं मां शकुंतला अग्रवाल रिटायर्ड टीचर थी। मौके से पुलिस को एक नोट भी मिला। जिसमें मनीष की विदेश में रहनेवाली एक बहन को यह खबर देने की बात कही गई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच में जुट गई है। वहीं रिश्तेदारों को भी खबर कर दी गई है। प्रथम दृष्ट्या यह सुसाइड केस लग रहा है। वैसे पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतेजार है।
जानकारी के मुताबिक शालिनी विजय JPSC प्रथम बैच की टॉपर थी। वे गढ़वा के समाज कल्याण विभाग में पोस्टेड थीं। साल 2021 से ही वह छुट्टी पर चली गई थी। इस साल फिर उन्होंने छुट्टी के लिए अप्लाई किया। लेकिन इस बार कार्मिक विभाग ने उनकी छुट्टी बढ़ाने और पहले ली गई छुट्टी व उसके कारणों के बारे में पूरी जानकारी मांगी। शालिनी साल 2019 में अपने पति से अलग हो गई थी। वह अपनी मां और भाई के साथ ही रहने लगी थी। उनका भाई मनीष भी बीते एक सप्ताह से छुट्टी पर चल रहा था। वहीं उनका फोन भी बंद आ रहा था। मनीष के ऑफिस से कुछ लोग जब घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से लॉक था। कुछ रिस्पॉन्स नहीं मिलने के बाद खबर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ अंदर झांका। कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। पुलिस का कहना है कि मौत कई दिन पहले होने के चलते इतनी तेज बदबू आ रही थी। भाई-बहन के शव फंदे पर तो मां का शव जमीन पर पड़ा था। उसके ऊपर फूल भी चढ़ाये हुये थे। जिससे लग रहा था कि मां की मौत पहले हुई है।
यहां याद दिला दें कि JPSC की पहली व दूसरी सिविल सेवा परीक्षा की CBI जांच चल रही है। इस बाबत CBI ने पहली JPSC में पास हुये अभ्यर्थियों में से करीब 55 को नोटिस भेजा है। उनमें शालिनी विजय का भी नाम था। CBI की विशेष अदालत ने शालिनी को 15 फरवरी को पेश होने के लिए समन भेजा था।








