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युवा शक्ति ही झारखंड की असली पूंजी : राहुल पुरवार

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Ranchi : राजधानी रांची में शुक्रवार को शिक्षा, विचार और नवाचार का मंच सजा, जहां ज्ञान की रोशनी और भविष्य की संभावनायें एक साथ नजर आईं। शिक्षकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं की मौजूदगी में झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी का पहला वार्षिक कॉन्क्लेव एक यादगार बन गया। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत स्थापित Jharkhand State Faculty Development Academy (JSFDA) ने अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ पर Hotel BNR Chanakya में इस भव्य कॉन्क्लेव का आयोजन किया। कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ, राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपति-कुलसचिव, नीति-निर्माता और विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य व शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुये।

युवा शक्ति को सही दिशा देना जरूरी

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की युवा शक्ति ही राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा और कौशल से जोड़ा जाये तो राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने शिक्षकों से केवल ज्ञान देने तक सीमित न रहने, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और राष्ट्रनिर्माता बनने का आह्वान किया। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि और प्रख्यात शिक्षाविद P. Kandaswami ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली और तकनीक से जुड़ना होगा। उन्होंने JSFDA द्वारा कम समय में जेंडर सेंसिटाइजेशन, मानसिक शांति, भाषाई विकास और लेखन कौशल जैसे विषयों पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स की सराहना की और इनके विस्तार पर जोर दिया।

NEP, AI और लीडरशिप पर मंथन

कॉन्क्लेव में तीन अलग-अलग सत्रों में गहन चर्चा हुई। पहले सत्र में National Education Policy 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार रखा गया। दूसरे सत्र में शिक्षा में Artificial Intelligence की भूमिका पर चर्चा करते हुये स्पष्ट किया गया कि AI शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी उपकरण है। तीसरे सत्र में शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने झारखंड की जैव विविधता और खनिज संपदा को उद्यमिता से जोड़ने की जरूरत बताई। वहीं, डिजिटल अवसंरचना मजबूत करने, शोध-प्रकाशन को बढ़ावा देने और छात्र परामर्श प्रणाली को बेहतर बनाने के सुझाव भी सामने आये। समापन सत्र में JSFDA की लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। Government Women’s Polytechnic Ranchi की छात्रा श्रुति सोनी को पहला पुरस्कार (₹25,000) मिला। वहीं, Marwari College Ranchi की छात्रा अंशिका चौधरी को दूसरा पुरस्कार (₹20,000) प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों से बदलते समय के अनुरूप खुद को लगातार विकसित करने का आह्वान किया और JSFDA को प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण शोध और पाठ्यक्रम अद्यतन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

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