Kohramlive : प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम की व्यवस्था में बदलाव की जानकारी सामने आई है। आश्रम में फिलहाल दर्शन और दीक्षा उपस्थिति रोक दी गई है। बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। आश्रम के बाहर सामने आये एक वीडियो में सेवादार श्रद्धालुओं को नई व्यवस्था की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इसे कब तक बंद रखा जायेगा, इसकी कोई तय तारीख नहीं बताई गई है। दीक्षा उपस्थिति बंद होने के बाद बाहर से वृंदावन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। बड़ी संख्या में लोग प्रेमानंद महाराज के दर्शन और दीक्षा के लिये आश्रम पहुंचते हैं।
दीक्षा की प्रक्रिया क्या थी?
पहले फाइनल दीक्षा के लिए श्रद्धालुओं को राधा केली कुंज आश्रम में उपस्थिति देनी होती थी। इसके लिए पति-पत्नी या माता-पिता में से किसी एक का साथ होना जरूरी बताया गया था। इसके बाद प्रेमानंद महाराज दीक्षा की प्रक्रिया पूरी कराते थे। आश्रम की व्यवस्था में यह बदलाव रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के कुछ दिनों बाद सामने आया है। दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और करीब दो साल पहले वृंदावन आये थे। दीक्षा के बाद उन्होंने रसिक दुलारी शरण नाम अपनाया था। बीते 26 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, आश्रम में शिष्यों के ड्रेस कोड में भी बदलाव किया गया है। फिलहाल श्रद्धालुओं को आश्रम की अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार है।





