Ranchi (Bhavna Thakur) : “फॉर्च्यूनर में चलते हो, कहां-कहां जमीन बेच रहे हो, हम TPC के मुरारी बोल रहे हैं। संगठन को चलाने के लिए 50 लाख रुपये दो, वरना गोली खाओ।” धमकी भरे यह बोल सुन होटल मालिक कमरुल हक हैरान और परेशान हो गए। उन्हें 4 दिन पहले उनके एक करीबी ने बताया था कि TPC से जुड़ा मो. ताज उसे मिला था। बोल रहा था जमीन कारोबारी कमरुल हक को गोली मारना है। डरे सहमे कमरुल ने रातू थाना में केस दर्ज कराया। कुछ महीने बाद यानि बीते 9 जुलाई को एक बार फिर से कमरुल हक को कॉल आया। इस बार कॉल करने वाले आलोक ने कहा कि संगठन को चलाने के लिए जो पैसे मांगे गए हैं, वो भेज दो। वरना गोली मार देंगे। कमरुल हक ने फिर रातू थाने में जाकर अपना दुखड़ा सुनाया और पुलिस को बताया कि लगातार मिल रही धमकी से उनका पूरा परिवार डरा-सहमा है। कुछ कीजिए।
कमरुल ने पुलिस को यह बताया कि कुछ दिन पहले ताज अपने साथ वसीम खान उर्फ राजा खान को लेकर उनके पास आया। बोला- वह सारा मैटर शॉर्ट आउट करवा देगा। केवल ताज का नाम केस से हटवा दो। ताज खलारी से रांची के कडरू में आकर रहने लगा था। इसी बीच बीते 16 जुलाई की रात कमरुल हक के होटल के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस फायरिंग में इसी होटल में काम करने वाले इलियास अंसारी और जब्बार अंसारी जख्मी हो गए। बेखौफ उग्रवादियों के तांडव से गांव वाले गोलबंद हो गए। अंजुमन इस्लामिया ग्रामीण रांची के सदर मुस्तफा अंसारी ने गांव में आयोजित बैठक में ऐलान किया कि बेशक अपराधी, उग्रवादी छोटे हो या बड़े. उसके उठते फन को कुचलने के लिए एकता जरूरी है। वहीं, रांची पुलिस कप्तान किशोर कौशल ने इस वारदात को गंभीरता से लिया। रुरल एसपी मो. नौशाद आलम की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर तीन लोगों को मो ताज, इंतियाज अंसारी और राजा खान उर्फ वसीम खान को धर दबोचा। इन तीनों का नाम इस कांड में उछलकर सामने आया था। सुनें क्या बोले रुरल एसपी नौशाद आलम…
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