Godda/Ranchi (Pawan Thakur) : उस रोज सामने पड़ी अधजली डेड बॉडी को निहारते थानेदार मधुसुदन मोदक के दिलों-दिमाग में एक ही बात कौंधी… बेशक, हत्यारा चाहे कोई हो, इस मर्डर में बेहद गुस्सा झलक रहा था। मतलब साफ है, हत्या के पीछे का कारण जर, जोरू या जमीन? बेतरह चाकू मारने के बाद पेट्रोल छिड़कर कर युवक को जलाने की पूरी कोशिश की गई, ताकि कोई सबूत नहीं मिले। यहां तक कि पहचान तक न हो। इस बीच प्रशिक्षु DSP कुमार गौरव भी मौके पर पहुंच गये। सबसे पहले मारे गये युवक की पहचान कराने के लिये पुलिस हांफती रही। मृतक रोहित साह की पहचान होते ही पुलिस ने टेक्निकल सेल और FSL टीम की मदद ली। जैसी आशंका थी, ठीक वैसा ही हुआ। पुलिस का शक एक जोरू यानी विवाहिता के पति पर चला गया। मारे गये रोहित के पिता अरूण साह के बयान पर गोड्डा के नगर थाना में मर्डर केस दर्ज कर लिया गया। कई तरह के ठोस साक्ष्य और सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने सूरज कुमार को उठा लिया। सूरज भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र के दरियागंज गांव का रहनेवाला है। सूरज पुलिस के सामने टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
सूरज ने उगल दिया सारा राज
सूरज ने अपने इकबालिया बयान में पुलिस के सामने रोहित की हत्या के पीछे छुपे सारे राज उगल दिये। उसने पुलिस को बताया कि रोहित और उसकी पत्नी के बीच नाजायज रिश्ते थे। दोनों फोन पर दिन भर लगल रहते थे। कई बार रोकने-टोकने और समझाने-बुझाने के बाद भी रोहित का लूर-लक्षण नहीं सुधरा। वह बेखटके उसकी पत्नी का दिवाना बना रहा। सूरज अंदर ही अंदर कुढ़ते-घुटते रहने लगा। उसने कई बार अपनी पत्नी से भी कहा कि चलो, शादी से पहले जो कुछ था, वह उसे भूल चुका है, तुम भी रोहित को भूल जाओ और उससे नाता तोड़ लो। पर उसकी पत्नी नहीं मानी और चोरी-छिपे चुपके-चुपके वह अपने पुराने यार रोहित से मिलती रही। शादी से पहले उसकी पत्नी का प्यार रोहित था।
दिन-रात फोन पर रोहित से लगल रहती थी
शादी के बाद सूरज अपनी पत्नी को लेकर लुधियाना चला गया। दोनों के तन भले दूर थे, पर उसकी पत्नी का मन सदा रोहित के पास रहा। दिन-रात फोन पर रोहित से लगल रहती थी। एतराज जताने पर घर में कलह शुरू हो जाता था। वह थक-हार चुका था। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ गोड्डा चला आया। गोड्डा आते ही दोनों नये गुल खिलाने शुरू कर दिये। हद से बाहर दोनों निकलते चले गये। इसके बाद एक सोची-समझी साजिश के तहत सूरज ने रोहित को अपना दोस्त बना लिया। रोहित को भी लगने लगा कि सूरज उसका जिगरी दोस्त बन गया। वहीं, सूरज भयानक इरादा बना चुका था। पहले से तय प्लानिंग के तहत सूरज ने बीते 19 दिसम्बर को रोहित को पार्टी देने के नाम पर गोड्डा के कन्हवारा पुल के पास कझिया नदी के तट पर बुलाया। रोहित तय समय पर वहां पहुंच गया। पहले से ही खतरनाक मन बनाये सूरज ने उसपर चाकू से दनादन कई वार कर उसका काम तमाम कर दिया। गुस्से में पागल सूरज ने पेट्रोल उसके बदन पर छिड़क माचिस मार दी। रोहित आग में दहकता रहा और सूरज उसका वीडियो बनाता रहा। यह वीडियो पुलिस के हाथ लग गया है। हत्या में इस्तेमाल चाकू और मृतक का मोबाइल और हत्यारे के खून से सने फुल पैंट और जेकेट पुलिस ने बरामद कर लिये।
इनकी रही सराहनीय भुमिका
इस कांड को सुलझाने में पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कुमार पांडेय, उपेन्द्र कुमार महतो, बृजेश कुमार, SI उमेश कुमार मोदी, मुकेश कुमार सिंह, मनोरंजन कुमार, राजू लाल स्वांसी, राजेन्द्र यादव, मुकेश उपाध्याय, अमित, अभिषेक एवं ASI गौरव कुमार की सराहनीय भूमिका रही।

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