Jamshedpur : कानून का सच्चे पहरेदार जानकर तृषा पटेल उर्फ वर्षा ने अपना दिल ASI धर्मेंद्र सिंह की हिफाजत में दे दिया। दोनों एक-दूसरे पर मर-मिटने का वादा कर गये। धीरे-धीरे दोनों के रिश्ते में खटास आने लगी। अक्सर दोनों में तकरार होने लगी। अपने प्रेमी धर्मेंद्र सिंह के खतरनाक इरादों से अनजान वर्षा अपनी प्रेमी की पुकार पर उसके घर चली गई। उसका घर जमशेदपुर के टेल्को में है। उस रोज दोनों हमबिस्तर भी हुए थे। अचानक दोनों में नोक-झोंक शुरू हो गई। तब धर्मेन्द्र ने वर्षा का झोंटा पकड़ उसके माथे को कई बार दीवार में पटका। वह मूर्छित हो गई। बेहोशी हालत में ही उसका गला घोंट उसे मार डाला गया। इसके बाद वर्षा की डेड बॉडी को एक बैग में डालकर उसे एक तालाब में फेंक डाला।
6 दिनों बाद यानि 18 नवंबर 2021 को टेल्को पुलिस ने वर्षा की डेड बॉडी रिकवरी की। अगले दिन यानि 19 नवंबर को यह खुलासा हुआ कि मिली सड़ी-गली लाश तृषा पटेल उर्फ वर्षा की है। अनुसंधान से खुलासा हुआ कि वर्षा की लाइफ में ASI धर्मेन्द्र सिंह की इंट्री को गई थी। तब वह जमशेदपुर के साकची थाने में तैनात थे, पुलिस ने तमाम साक्ष्य और सुबूत जुटाने के बाद ASI धर्मेन्द्र को अपनी कस्टडी में ले लिया। पूछताछ में वह टूट गया और वर्षा की हत्या के पीछे छिपे सारी कहानी उगल दिया। जमशेदपुर पुलिस ने इस कांड को काफी गंभीरता से लिया। उस वक्त जमशेदपुर के सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट थे। आज रिजल्ट सामने है। बहुचर्चित इस केस में 15 महीने में ही फैसला आ गया। गुनहगार ASI धर्मेन्द्र सिंह को आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह सजा जमशेदपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश अनिल कुमार मिश्र की अदालत द्वारा सुनाई गई। इससे पहले 26 फरवरी को उसे दोषी करार दिया गया था।
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