Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की दोपहर अचानक सनसनीखेज हो उठी, जब सदर SDO संजय कुमार खुद ग्राहक बनकर बालू खरीदने पहुंचे। सूचना थी कि सरकारी ₹1500 वाली बालू 200 CFT टिपर के हिसाब से ₹9000 में बेची जा रही है। SDO ने पहले फोन कर रेट पक्का कराया, फिर टीम संग बकोइया डंपयार्ड पर पहुंचे। खुलासा हुआ कि असली खेल प्रबंधक आनंद चौबे और उसके लोग सालों से मनमानी कर रहे थे।
पहले झूठा नाम देकर बचने की कोशिश हुई, मगर सख्ती के आगे सच निकल आया। बालू लदा ट्रक भी मिला, जिसका ठिकाना कोई स्पष्ट न कर पाया। जांच में सामने आया कि सरकारी यार्ड की बालू निजी प्लॉट में डंप कर काला कारोबार चल रहा था। SDO ने इसे बेहद गंभीर माना और DMO को 24 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि मनमानी दरों से गरीब परिवारों, ‘अबुआ आवास’ और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों पर बोझ बढ़ रहा है। यह बर्दाश्त नहीं होगा।














