Chaibasa : सारंडा के घने जंगलों में एक बार फिर जंगल से इंसाफ की आवाज उठी। झारखंड का वह हिस्सा, जहां सूरज की किरणें भी कांपती हैं घने साये से, जहां हर कदम के नीचे मिट्टी से बारूद की सिहरन उठती है और हर जवान का दिल मुल्क की हिफाजत की सौगंध से धड़कता है। रांची प्रक्षेत्र के IG अखिलेश झा ने बीते दो दिनों तक इलाके का गहन दौरा किया। उनके साथ कोल्हान के DIG मनोज रतन चोथे, चाईबासा के SP आशुतोष शेखर, ASP पारस राणा एवं चतरा से प्रतिनियुक्त IPS अधिकारी रितविक श्रीवास्तव मौजूद थे। IG अखिलेश झा ने थाने नहीं, हौसले टटोले, कैम्प नहीं, हिफाजत की चौकसी देखी। IG झा का स्पष्ट संदेश था कि “आईईडी से बचाव हो या जंगल में ऑपरेशन, SOP ही हमारा जीवनव्रत है। एक भी चूक और मातृभूमि की माटी लाल हो जाती है।”
IG अखिलेश झा ने सभी कैंपों में कहा कि हर DSP और पुलिस इंस्पेक्टर अपने जवानों को आधुनिक रणनीति से लैस करें। झारखंड जगुआर, CRPF, जैप और चाईबासा जिला बल के बीच तालमेल और मजबूत हो। टिमरा, सेडलगेट, किरीबुरू जैसे संवेदनशील इलाकों में हर गतिविधि पर चौकस निगाह रखें। ‘सारंडा’ अब सिर्फ जंगल नहीं, अभियान की आत्मा है। जहां बांस की सरसराहट में बगावत की फुसफुसाहटें छुपी हैं, वहीं हर कैम्प की दीवारों पर वर्दी की कसमें गूंजती हैं। IG अखिलेश झा ने छोटानागरा थाना अंतर्गत CRPF कैम्प में जवानों के साथ रात गुजारी।








