Ranchi (Rupam) : अपनी चाहत पूरी करना चाहता था, धंस गया अपराध के दलदल में… रांची के नगड़ी में रहनेवाले डॉक्टर संदीप कुमार राज से बतौर रंगदारी 50 लाख रुपये मांगने वाले आशीष कुमार पाठक को रांची पुलिस ने मधुबनी में दबोच लिया। रंगदारी वसूलने की खातिर आशीष कभी कुख्यात गैंगस्टर तो कभी अमन साव का नाम फोन पर लेता था। बिल्डर अनिल कुमार से एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। वहीं सुखदेवनगर में रहनेवाले अवधेश कुमार सिंह से भी उगाही की कोशिश की गई थी।
राजधानी रांची में रंगदारी और उगाही कि मिल रही लगातार शिकायत पर रांची पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा ने रूरल एसपी नौशाद आलम की देखरेख में एक एसआईटी टीम का गठन किया। टेक्निकल सेल की मदद से पुलिस को रंगदारी मांगने वाले आशीष कुमार पाठक के बारे में पता चला। उसका लोकेशन मधुबनी मिला। पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए आशीष अपने दोस्त के घर मधुबनी चला गया। हालांकि वह सरायकेला के आदित्यपुर के भाटिया बस्ती का रहनेवाला है। पुलिस की एक टीम को मधुबनी भेजा गया।
करीब 1 हफ्ते तक पुलिस आशीष की टोह लेती रही। उसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। वहीं जिस फोन से रंगदारी मांगी गई थी वह फोन भी पुलिस को मिल गई। पुलिस के हत्थे चढ़े डरे-सहमे आशीष ने रूरल एसपी से कहा कि जेल से छूटने के बाद वह झारखंड और बिहार से भी तौबा कर लेगा। वह नेपाल चला जाएगा। वरना यहां रहा तो कोई भी उसे ठोक देगा। नाहक मारा जायेगा। पकड़े जान के बाद से ही उसे कई लोग हड़काने धमकाने लगे हैं। इसमें विक्की नंदी, सुभाष प्रमाणिक और बॉबी सिंह शामिल है। रंगदारी वसूलने के पीछे का मकसद वह अपनी हर चाहत को पूरी करना चाहता था। सुनें क्या बोले रांची के रूरल एसपी मो. नौशाद आलम और पकड़ा गया आशीष
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