Kohramlive : उत्तराखंड में UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड आज से लागू हो गया है। CM पुष्कर सिंह धामी ने यह ऐलान किया। CM आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजत कार्यक्रम में CM धामी ने कहा कि गुजरे तीन साल पहले जनता से किये गये वादे को पूरा किया। UCC किसी धर्म या वर्ग के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य किसी को टारगेट करना नहीं है। सभी को समान अधिकार देना है। 27 जनवरी का दिन समान नागरिकता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। CM धामी ने कहा कि UCC लागू होने से हलाला, बहुविवाह एवं तीन तलाक पर पूरी तरह से रोक लग जायेगी। नागरिक संहिता उत्तराखंड-2004 को लागू किये जाने को लेकर एक पोर्टल आम जनता के लिये खोल दिया गया है। UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड बन गया है। CM धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने से समाज में एकरूपता आयेगी। राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार होंगे और दायित्व भी तय हो सकेंगे। आज से यह कानून प्रभावी हो गया है। राज्य के DGP बोले हम नये कानून UCC को लागू करने के लिये पूरी तरह से तैयार हैं।
आगे क्या होगा… जानें
समान संपत्ति अधिकार: बेटा और बेटी दोनों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा। इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि वह किस कैटेगरी के हैं।
मौत के बाद संपत्ति: अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो यूनिफॉर्म सिविल कोड उस व्यक्ति की संपत्ति को पति या पत्नी और बच्चों में समान रूप से वितरण का अधिकार देता है। वहीं, उस व्यक्ति के माता-पिता को भी संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा। पिछले कानून में ये अधिकार केवल मृतक की मां को मिलता था।
समान कारण पर ही मिलेगा तलाक: पति-पत्नी को तलाक तभी मिलेगा, जब दोनों के आधार और कारण एक जैसे होंगे। केवल एक पक्ष के कारण देने पर तलाक नहीं मिल सकेगा।
लिव इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी: उत्तराखंड में रहने वाले कपल अगर लिव इन में रह रहे हैं तो उन्हें इसका रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि ये सेल्फ डिक्लेरेशन जैसा होगा, लेकिन इस नियम से अनुसूचित जनजाति के लोगों को छूट होगी।
संतान की जिम्मेदारी: यदि लिव इन रिलेशनशिप से कोई बच्चा पैदा होता है तो उसकी जिम्मेदारी लिव इन में रहने वाले कपल की होगी। दोनों को उस बच्चे को अपना नाम भी देना होगा। इससे राज्य में हर बच्चे को पहचान मिलेगी।
#WATCH देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC के नियमों और पोर्टल के उद्घाटन पर कहा, “यह लोगों के लिए एक आसान रास्ता है। इसमें पोर्टल भी बनाया गया है… आज एक ऐतिहासिक दिन है… आज के दिन यह(UCC) लागू हो रहा है इसलिए प्रत्येक वर्ष इसे समान नागरिक संहिता दिवस… pic.twitter.com/uGF5HONWid
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 27, 2025







