Kohramlive : अमेरिका ने नागरिकता हासिल करने में कथित धोखाधड़ी और गंभीर अपराधों के मामलों में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, देश की अलग-अलग अदालतों में 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है। इनमें भारतीय मूल का एक व्यक्ति बलविंदर सिंह भी शामिल है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन मामलों में ऐसे लोग शामिल हैं, जिन पर नागरिकता हासिल करने के लिये गलत पहचान या गलत जानकारी देने से लेकर गंभीर आपराधिक गतिविधियों तक के आरोप हैं।अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने सोमवार को कार्रवाई की जानकारी देते हुये इसे आधुनिक अमेरिकी इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कोशिश बताया। अमेरिकी कानून में इसे Denaturalization कहा जाता है। इसके तहत किसी व्यक्ति की वह नागरिकता रद्द की जा सकती है, जो उसे प्राकृतिककरण (Naturalization) की प्रक्रिया से मिली हो, अगर यह साबित हो जाये कि नागरिकता हासिल करते समय उसने धोखाधड़ी की, महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई या जानबूझकर गलत जानकारी दी थी।
भारतीय मूल के बलविंदर सिंह पर क्या आरोप?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया के बलविंदर सिंह के खिलाफ ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि बलविंदर सिंह ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अमेरिका में प्रवेश किया और बाद में इसी पहचान के तहत नागरिकता हासिल की। विभाग के मुताबिक, 2003 में उन्होंने दूसरी पहचान के तहत स्थायी निवासी का दर्जा हासिल किया। बाद में 2009 में इसी दूसरी पहचान के तहत अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की। न्याय विभाग का कहना है कि फिंगरप्रिंट जांच से दोनों आवेदनों के बीच संबंध सामने आया। शिकायत में उनके खिलाफ गलत बयान देने और अन्य कथित गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े सात आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। इस कार्रवाई में चीन में जन्मे और अमेरिकी नौसेना में सेवा दे चुके जिंचाओ वेई का मामला भी शामिल है। न्याय विभाग के मुताबिक, वेई वर्ष 2021 में अमेरिकी नौसेना में शामिल हुये और फरवरी 2022 तक चीन को सैन्य रहस्य बेचने की साजिश में शामिल हो गये। मई 2022 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली। उनकी नागरिकता प्रक्रिया उन विशेष प्रावधानों के तहत तेज हुई थी, जिनका उद्देश्य अमेरिकी सशस्त्र बलों में सम्मानपूर्वक सेवा करने वाले लोगों को नागरिकता हासिल करने में सुविधा देना है।
जासूसी के मामले में 200 महीने की सजा
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, वेई को अगस्त 2025 में जासूसी की साजिश, जासूसी और रक्षा सामग्री से जुड़े तकनीकी डेटा के अवैध निर्यात के मामलों में दोषी ठहराया गया। उन्हें 200 महीने की जेल की सजा सुनाई गई और अमेरिकी नौसेना से भी निकाल दिया गया। अब सरकार उनकी नागरिकता रद्द करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। न्याय विभाग के मुताबिक, नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई का सामना कर रहे 40 लोगों में अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं। इनमें भारत के अलावा पाकिस्तान, मैक्सिको, कंबोडिया, नेपाल और अफगानिस्तान से जुड़े लोग भी बताये गये हैं। इन मामलों में विदेशी सरकार के लिये एजेंट के रूप में काम करने, हत्या जैसे गंभीर अपराधों और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों के आरोप शामिल हैं।





