UP : UP का एक घर जिसकी दीवारों में यादें थीं, उम्रभर की कमाई थी, उसी घर को टूटते देख, एक परिवार ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसे देखकर गांव ही नहीं, हर दिल कांप उठा। राजस्व और पुलिस टीम चकरोड पर बने मकान को गिराने पहुंची। मकान मालिक धनपाल और उनके बेटे विवेक और दुर्गेश ने विरोध किया। उनका कहना था कि “40 साल से यहां रह रहे हैं, कोई सूचना नहीं मिली।” विरोध के बीच अचानक तीनों पास के नीम के पेड़ पर चढ़ गये और गले में रस्सी डालकर फंदा लगा लिया।
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UP के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने फौरन तीनों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक, विवेक के गले में फंदा कस चुका था। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। धनपाल का आरोप है कि मकान न तोड़ने के बदले 4 लाख रुपये मांगे गये। वहीं प्रशासन का कहना है कि “यह जमीन पर कब्जा है, आरोप निराधार हैं।” घटना के बाद टीम को वापस बुला लिया गया। इस बीच पूर्व विधायक राजेश यादव और रोशनलाल वर्मा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा यूपी के शाहजहांपुर के जलालाबाद के मझरेता मगटोरा गांव में हुआ।
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