Chouparan(Krishna Paswan) : जमुनियातरी का वो छोटा सा गांव, जहां बिरहोर आदिम जनजाति के लोग सदियों से अपनी जड़ों को थामे हुये हैं, सोमवार को एक खास खुशी का माहौल बिखेर गया। वह खुशी थी 2025 की मैट्रिक परीक्षा में कामयाब हुई दो बेटियों किरण कुमारी और चनवा कुमारी के नाम। अंबेडकर विचारधारा मंच से जुड़े लोग जब गांव पहुंचे, तो वहां के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन की गहराई में उतर कर जाना कि ये बच्चे कितनी चुनौतियों से जूझते हुये भी शिक्षा की राह पर कितनी मजबूती से बढ़ रहे हैं। मंच ने इन बेटियों और उनके अभिभावकों को शॉल और बुक्के भेंट कर सम्मानित किया, जैसे उनके सपनों की उड़ान में एक पंख लगाने की कोशिश।
मंच ने उस शिक्षक जग्गु यादव को भी याद किया, जिन्होंने इन बच्चियों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मानगढ़ तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाई। शॉल और बुक्के भेंट कर मंच ने शिक्षक को भी सम्मानित किया। मंच के अध्यक्ष रामस्वरूप पासवान ने कहा, “किरण और चनवा ने न केवल जमुनियातरी गांव बल्कि पूरे प्रखंड का नाम रोशन किया है। अंबेडकर विचारधारा मंच उनके साथ है और आगे भी उनकी पढ़ाई-लिखाई में हर संभव मदद करेगा।” जीप सदस्य आरती कौशल ने सरकार से जोरदार मांग की कि ऐसे बच्चों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जायें, ताकि उनकी राहों में कोई बाधा न आये। वहीं मुखिया संघ अध्यक्ष ने गांव के बुनियादी सुविधाओं के अभाव की चिंता जाहिर करते हुये कहा, “यहां की बिरहोरों की जिंदगी अब भी भगवान भरोसे है।” मौके पर प्रो बिराज रविदास, ब्रजभूषण इन्द्रगुरु, प्रो विजय सिंह, पूर्व मुखिया सुखदेव पासवान सहित दर्जनों लोग मौजूद थे, जिन्होंने इस खुशी के मौके पर अपनी भावनाएं साझा कीं।














