Kohramlive : झारखंड CID के साइबर क्राइम थाना ने करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा करते हुये एक बड़े ऑपरेशन में मध्यप्रदेश के सिवनी से आरोपी पवन गौर को गिरफ्तार किया है। यह मामला दो कांडों (कांड संख्या 109/25 दिनांक 10.09.2025 एवं कांड संख्या 110/25 दिनांक 10.09.2025) से जुड़ा है। इन दोनों मामलों में फर्जी निवेश (Investment) और ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप्स के माध्यम से कुल 8.36 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।
पीड़ित को नामी वित्तीय संस्थाओं के नाम पर WhatsApp ग्रुप “FYERS SECURITIES PRIVATE LIMITED” में जोड़ा गया। फर्जी ऐप्स “FYERS HNI” और “NOMURA” डाउनलोड करवाया गया। ऐप में झूठा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया। पीड़ित ने विभिन्न खातों में लगभग ₹3.75 करोड़ जमा कर दिये। इसी तरह दूसरे मामले में फेसबुक पर “NOMURA>F” नाम से विज्ञापन दिखाया गया। पीड़ित को WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया और फर्जी ऐप से निवेश कराया गया। बार-बार झूठा मुनाफा दिखाकर पीड़ित को कुल ₹4.61 करोड़ निवेश करने के लिये उकसाया गया। इसके बाद रकम वापस नहीं की गई, तब मामला साइबर क्राइम तक पहुंचा। साइबर थाना की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया और सिवनी पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। उसके पास से कांड से जुड़ा मोबाइल, SIM कार्ड एवं WhatsApp चैट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले। जांच से खुलासा हुआ कि कांड में संलिप्त Central Bank of India के खाते (संख्या 5824260671) के विरुद्ध देश के 15 राज्यों से कुल 51 शिकायतें दर्ज हैं, आंध्र प्रदेश: 02 | असम: 01 | बिहार: 01 | दिल्ली: 06 | गोवा: 01 | केरल: 11 | कर्नाटक: 03 | उत्तर प्रदेश: 03 | झारखंड: 03 | तेलंगाना: 03 | महाराष्ट्र: 11 | पंजाब: 02 | राजस्थान: 01 | तमिलनाडु: 01 | पश्चिम बंगाल: 02। यह दर्शाता है कि ठगों का नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है।
सावधानी ही सुरक्षा है
- WhatsApp, Telegram, Google Ads या Facebook पर आने वाले किसी भी Investment Offer पर भरोसा न करें।
- किसी अनजान UPI ID या बैंक खाते में पैसा न भेजें।
- निवेश के लिए केवल सरकार द्वारा अधिकृत ऐप और वेबसाइट का उपयोग करें।
- निवेश से पहले संस्था की वैधता की जांच करें।
- अगर ठगी हो जाये तो तुरंत 1930 पर या 🌐 https://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।








