Ranchi : निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डोरंडा स्थित शौर्य सभागार में किया गया। इसका उद्घाटन गृह सचिव वंदना दादेल ने किया। यह प्रशिक्षण चार दिनों तक चलेगा, जिसमें राज्य के विभिन्न प्रमंडलों के मास्टर ट्रेनर तैयार किये जायेंगे। CM हेमन्त सोरेन के निर्देशानुसार गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस अभियान को गति देने के लिए राज्य के सभी प्रमुख विभागों के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिणी छोटानगपुर से शुरूआत हुई, इसके बाद उत्तरी छोटानगपुर, संथाल परगना और कोल्हान एवं पलामू प्रमंडलों के मास्टर ट्रेनर क्रमवार प्रशिक्षण हासिल करेंगे।
कार्यक्रम के पहले दिन विशेषज्ञों ने ड्रग और मादक पदार्थों के सेवन के प्रभाव, संभावित उपचार, स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों और कानून व्यवस्था की व्यापक जानकारी दी। साथ ही स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रभावी रणनीतियों पर भी विचार विमर्श हुआ। विशेष रूप से SHG, NYKS, युवा क्लब जैसे संस्थानों की भूमिका पर जोर दिया गया, ताकि नशा मुक्ति को सामाजिक स्तर पर भी मजबूती मिल सके। इस प्रशिक्षण में स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पर्यटन, युवा कार्य, पुलिस, आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी एवं पर्यावरण विभाग के मास्टर ट्रेनर शामिल हुये। यह कदम झारखंड सरकार की नशा मुक्त राज्य बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








