Kohramlive : आज यानी 10 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि पर चंद्रमा धनु राशि में मौजूद रहेंगे। धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति होते हैं। आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इसमें गुरुओं की पूजा करते हुये उनका आशीर्वाद लिया जाता है। यह दिन समर्पित होता है उन गुरुओं को, जिन्होंने हमें जीवन की दिशा दी। इस दिन गुरु की पूजा, चरण वंदना और आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा है। इस बार पूर्णिमा के दिन चंद्रमा धनु राशि में विचरण करेंगे। धनु के स्वामी हैं देवगुरु बृहस्पति, यानी ये संयोग गुरु पूर्णिमा को और भी पावन बना देता है।
क्या करें इस दिन
- अपने गुरु या शिक्षक को स्मरण करें।
- उनके चरणों में प्रणाम करें और आशीर्वाद लें।
- दान-पुण्य, विद्या दान और भक्ति करें।
- किसी ब्राह्मण को वस्त्र या पुस्तक दान देना शुभ होता है।
पंचांग के अनुसार दिन की प्रमुख बातें
तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
योग: इंद्र
वार: गुरुवार
चंद्र राशि: धनु
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11.58 से 12.53 तक
राहुकाल: दोपहर 14.08 से 15.51 तक (शुभ कार्य न करें)
पंचांग क्या है और क्यों जरूरी है?
पंचांग यानी पांच अंगों वाला समय निर्धारण ग्रंथ —तिथि, नक्षत्र, वार, योग, करण। यही पंचांग हमें बताता है कौन सा दिन, कौन सी घड़ी शुभ है और कब कौन सा कार्य करना उचित।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी पंचांग, ज्योतिष और परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है। कृपया किसी भी निर्णय से पूर्व विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।








