kohramlive desk : आज के दौर में कार ड्राइविंग एक शौक ही नहीं, जरूरत भी है। रफ वाहन चालन से वाहन का लाइफ कम हो जाता है।इसमें कई खराबियां आ जाती हैं। अतः कार ड्राइविंग की कला और बारीकियों पर ध्यान देना चाहिए। यह जानना जरूरी है कि सिग्नल पर कार को न्यूट्रल गियर में रखना चाहिए।
यदि आप केवल कार को रोकने के लिए क्लच को दबाए रखेंगे तो इससे क्लच के मैकेनिज्म में फ्रिक्शन (घर्षण) होता है, जिसका सीधा असर क्लच प्लेट पर भी पड़ता है।
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क्लच पर पैर रखकर आराम न करें
नए चालक लंबी दूरी तय करते वक्त जल्दी ही थकान महसूस करने लगते हैं। इस दौरान वे ज्यादातर समय अपने पैर को क्लच पर रखे रहते हैं। ऐसा करने से उन्हें राहत और पैरों को आराम मिलता है। ध्यान रखें कि क्लच कोई डेड पैडल नहीं है, जिस पर आप पैरो को रखकर आराम कर सकें। हर वक्त क्लच पर पैर रखे रहने से क्लच पर दबाव पड़ता है।
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उंचाई पर क्लच से न रोकें कार को
ध्यान रहे, उंचाई पर चढ़ते समय क्लच के माध्यम से कार को रोक कर न रखें। यदि आप उंचाई पर चढ़ते वक्त क्लच का इस्तेमाल करते हैं तो इससे प्लेट पर प्रेशर पड़ता है। यदि इस दौरान आपको लगता है कि आपकी कार पीछे की तरफ जा रही है, तो ई-ब्रेक को खीचें और धीमी गति से क्लच को रिलीज करें। ऐसा तब तक करें जब तक कार सरफेस पर ग्रिप न बना ले।
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हमेशा स्पीड के मुताबिक गियर में करें बदलाव
नए चालकों में ये समस्या आम होती है कि वे ठीक ढंग से गियर में बदलाव नहीं कर पाते हैं। कम गियर में ही एक्सलेटर पर प्रेशर देते हुए कार को आगे बढ़ाते हैं। ऐसा करने से कार के इंजन और ट्रांसमिशन दोनों पर प्रेशर पड़ता है। हमेशा कार स्पीड के मुताबिक ही गियर बदले न तो कम स्पीड में ज्यादा गियर और न ही ज्यादा स्पीड कम गियर रखें।






