Kohramlive : सावन का महीना आते ही चारों ओर शिव भक्ति की मधुर धारा बहने लगती है। मंदिरों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देने लगती है और भक्त अपने आराध्य भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिये व्रत और पूजा की तैयारियों में जुट जाते हैं। साल 2026 में सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है, जिसे शिव भक्तों के लिये बेहद खास और शुभ माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और उपवास करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस बार सावन के पहले सोमवार पर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का विशेष संयोग बन रहा है। मान्यता है कि सुकर्मा योग में किये गये शुभ कार्य सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाले होते हैं। यही वजह है कि इस दिन शिव पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।
ऐसे करें भोलेनाथ का अभिषेक
● सुबह जल्दी उठकर करें शुरुआतः सावन सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर व्रत का संकल्प लें।
● शिवलिंग का करें जलाभिषेकः सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें।
● बेलपत्र और भोग से करें महादेव को प्रसन्नः अभिषेक के बाद शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र, भांग, मिठाई और अनाज अर्पित करें। भगवान शिव को फल का भोग लगायें और श्रद्धा के साथ मंत्रों का जाप करें।
● माता पार्वती को अर्पित करें सुहाग सामग्रीः पूजन के दौरान माता पार्वती को चुनरी, सिंदूर और मेहंदी जैसी सुहाग सामग्री अर्पित करने की परंपरा है।
● महामृत्युंजय मंत्र और आरती से करें समापनः अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
● महिलाओं के लिये खास महत्वः मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिये विशेष फलदायी माना जाता है। कई महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
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