Delhi : देश की राजधानी अब एक और बड़ा बदलाव देखने जा रही है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN Stadium), जिसने एशियन गेम्स से लेकर कॉमनवेल्थ तक के अनगिनत लम्हों को देखा है, अब “स्पोर्ट्स सिटी” में तब्दील होने जा रहा है। खेल मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक मैदान को आधुनिक खेल नगर के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर ली है, जहां खेल, प्रशिक्षण और जीवन का संगम होगा।
पुराना ढांचा ढहाकर बनेगा नया सपना
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, 102 एकड़ में फैले इस परिसर को पूरी तरह नया रूप दिया जायेगा। पुराना स्टेडियम तोड़ा जायेगा ताकि इस विशाल जमीन का सर्वाधिक उपयोग किया जा सके। फिलहाल यहां मौजूद (NADA, NDTL और आयकर विभाग के दफ्तरों को प्रोजेक्ट शुरू होते ही दूसरी जगह शिफ्ट किया जायेगा। नई स्पोर्ट्स सिटी में अत्याधुनिक स्टेडियम और इंडोर एरीना, खिलाड़ियों के लिये एथलीट हॉस्टल,स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और मनोरंजन व सांस्कृतिक आयोजनों के लिये मल्टी-इवेंट स्पेस होंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय खेल होंगे, वहीं, खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और रहने की सुविधा भी मिलेगी।
विदेशी मॉडल पर बनेगा भारतीय गौरव
खेल मंत्रालय ने कतर और ऑस्ट्रेलिया की स्पोर्ट्स सिटीज का गहन अध्ययन शुरू कर दिया है। हाल ही में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दोहा की स्पोर्ट्स सिटी का दौरा किया था, जो 617 एकड़ में फैली है और कई अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करती है। दिल्ली का यह प्रोजेक्ट भी उसी तर्ज पर तैयार होगा, जिससे भारत को मिलेगी एक विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स हब की पहचान। खेल मंत्रालय का कहना है, “यह सिर्फ एक स्टेडियम नहीं रहेगा, बल्कि खिलाड़ियों और देश के सपनों का घर बनेगा।”




