Kohramlive : मुंबई की धड़कन में एक और नई धड़कन जुड़ रही है ‘सिंदूर फ्लाईओवर‘। कभी जिसे ‘कर्नाक ब्रिज’ कहा जाता था, वही अब भारत की वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक बन गया है। ब्रिटिश गवर्नर जेम्स रिवेट कर्नाक के नाम पर बना यह पुल अब भारतीय सेना के गौरवशाली ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरित होकर नया नाम पा रहा है सिंदूर फ्लाईओवर।
10 जुलाई को जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसका उद्घाटन करेंगे, तो सिर्फ एक पुल नहीं, इतिहास की एक परत बदल जायेगी। ये वही पुल है जो दक्षिण मुंबई के पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है। मस्जिद बंदर स्टेशन, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और मोहम्मद अली रोड जैसी जगहों को राहत देने वाला अहम रास्ता। 2022 में 150 साल पुराने पुल को असुरक्षित मानकर ढहा दिया गया था। लेकिन उम्मीद और इंजीनियरिंग के गर्व से अब खड़ा हुआ है 328 मीटर लंबा यह आधुनिक फ्लाईओवर, जिसमें 550-550 टन वजनी दो स्टील गर्डर हैं, जो जैसे शहर की मजबूती का प्रतीक हैं।नगर आयुक्त अभिजीत बांगर के नेतृत्व में इस पुल का निर्माण समय पर हुआ, जो आज के शहरी प्रबंधन की एक दुर्लभ मिसाल है।










