Kohramlive : पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उम्मीदवारों के चयन की शुरुआती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खबर है कि इस बार पार्टी नेतृत्व कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले ले सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के कालीघाट स्थित CM ममता बनर्जी के आवास पर दो दौर की अहम बैठकें हुईं। बुधवार और गुरुवार को हुई इन बैठकों में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। एजेंडा साफ था, आने वाले विधानसभा चुनाव के लिये संभावित उम्मीदवारों की पहली लिस्ट की रूपरेखा।बैठकों में इस बात पर गहन मंथन हुआ कि कुछ मंत्रियों और अनुभवी विधायकों को नई सीटों से चुनाव लड़ाया जाये। वहीं, कुछ मौजूदा विधायकों का टिकट काटकर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियां देने पर भी चर्चा हुई। यानी इस बार टिकट की गारंटी किसी के पास नहीं, हर सीट पर ‘परफॉर्मेंस टेस्ट’ होगा।
पुराने दिग्गज + नये चेहरे = जीत का फॉर्मूला
नेतृत्व का जोर इस बात पर है कि उम्मीदवारों की सूची में अनुभव और युवाओं का संतुलन बनाया जाये। सेलिब्रिटी, मीडिया और अन्य क्षेत्रों से जुड़े नये चेहरों को भी मौका देने की रणनीति बन रही है। सूत्रों का दावा है कि इस बार TMC की उम्मीदवार सूची में बड़े पैमाने पर फेरबदल देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को पश्चिम बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर भी रणनीति तैयार की जा रही है। TMC कम से कम चार सीटें जीतने की तैयारी में है।विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से भाजपा को एक सीट से संतोष करना पड़ सकता है। सूत्र बताते हैं कि जिन चार सीटों पर टीएमसी की जीत लगभग तय है, उनमें से तीन पर पार्टी के नेता उम्मीदवार होंगे। एक सीट ऐसे गैर-राजनीतिक चेहरे को दी जा सकती है, जिसका राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक गलियारों में मजबूत नेटवर्क हो।














