Palamu : छठ की रात थी, पलामू के पोची गांव का घाट दीपों से जगमगा रहा था, घाटों पर ‘केरवा जल’ की लहरें टिमटिमा रहीं थीं और आकाश में आराधना की लौ झिलमिला रही थी। भीड़ में हर चेहरा खुश था, सिवाय उस 14 साल के पंकज यादव के जो उसी भीड़ में आखिरी बार दिखाई दिया, फिर कभी नहीं लौटा। सुबह जब गांव जागा, तो नहर किनारे उसका बेजान शरीर मिला, गला दबा कर उसकी हत्या की गई थी, पंकज की हत्या की फैली खबर के बाद उसके गांव में मातम छा गया। जिसने भी इस वारदात के बारे में जाना-सुना, हर कोई रोया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पंकज का गुनाह बस इतना था कि उसने अपने ही चचेरे बहनोई अमित यादव को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। वहीं, उसका चचेरा भाई संदीप यादव जमीन को लेकर उससे पुरानी रंजिश रखता था। दोनों ने मिलकर एक शैतानी साजिश रच डाली और उसे मौत के घाट उतार दिया। पलामू पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से अमित यादव और संदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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