Hazaribagh(Shivnarayan Sahu) : हजारीबाग के बड़कागांव की धरती ने एक बार फिर खून से लाल हो जाने की गवाही दी। छह जुलाई की शाम जब पिपराडीह की संगीता देवी ने थाने में अपने पति दिनेश प्रजापति के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह मामला इतना दिल दहलाने वाला मोड़ लेगा। पांच दिन बीते… और फिर गुरुवार दोपहर कुम्हरडीहा के एक सूने कुएं से बदबू और सन्नाटा लेकर निकली दिनेश की लाश।
गांव में मातम पसर गया, लेकिन मातम जल्द ही गुस्से में बदल गया। शव को देख परिजनों का धैर्य टूट गया। वे गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गये और पुलिस से भिड़ने लगे। तभी कुछ ग्रामीण आपा खो बैठे। वे सीधे पहुंच गये आरोपी सुभाष प्रजापति के घर। घर खामोश था, सुभाष गायब। लेकिन गुस्सा सुलगा और आग बन गया। घर फूंक दिया गया, सामान जल गया, और इसी आग में झुलस गया एक और जीवन—सुभाष के पिता, 55 वर्षीय महेश प्रजापति। महेश को पीट-पीटकर मार डाला गया। जब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, बहुत देर हो चुकी थी। अब कुम्हरडीहा में सन्नाटा है। बड़कागांव पुलिस तैनात है और जांच जारी।














