Dumka : दुमका के एक गांव में वो 16 साल की मासूम आई थी, खुशियों की तलाश में, रिश्तेदारों से मिलने, शादी की रौनक देखने। लेकिन किसे पता था कि वो रात उसकी मासूमियत को नोंच ले जायेगी, उसकी आत्मा को खामोश चीख में बदल देगी। जिस घर में वो ठहरी थी, वहां जगह कम थी और वो पड़ोस के एक घर में सोने चली गई। उसे क्या पता था कि उसकी नींद पर दैत्य की नजर है। इल्जाम है कि गांव का ही रंजीत टुडू उसे सुनसान जंगल की तरफ ले गया। वो रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, लेकिन रंजीत की दरिंदगी को जैसे किसी पुकार से फर्क ही नहीं पड़ा। फिर जैसे हैवानियत को कोई पुकारता है, उसने अपने चार साथियों को बुला लिया। बिट्टू, बोनी, जॉनी और अनिल और पांचों ने उस मासूम पर ऐसा ज़ुल्म ढाया कि चांद भी उस रात शर्म से बादलों में छिप गया। बदहवास, कांपती हुई वो किसी तरह घर लौटी और टूटते शब्दों में अपना दर्द बयां किया। रिश्तेदार हक्के-बक्के रह गये। गांव के लोग जुटे, अपराधियों को पहचान कर उन्हें थाने तक पहुंचाया। मुफस्सिल के थानेदार सत्यम कुमार ने मीडिया को बताया कि ताबड़तोड़ छापेमारी कर पांचों हैवानों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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