UP : उन्नाव के बांगरमऊ गांव में गुरुवार की सुबह सूरज की पहली किरण भी उस दर्द को नहीं छुपा सकी, जिसने एक छोटे से दिल को हमेशा के लिए थाम लिया। किशोरी, अपने चचेरा भाई राजेश की एकतरफा दोस्ती के बोझ तले दबी हुई थी। उसने ‘ना’ कहा, बस इतना ही। लेकिन उसकी हिम्मत की कीमत उसने अपनी जान देकर चुकाई। राजेश, जिसने हमेशा उसे डराया और धमकाया, उसी ने उसे राह में घेरकर चाकू से वार किये। गला रेतते ही जैसे ख्वाबों की दुनिया की सारी रोशनी बुझ गई। पीठ और सीने पर पड़े वार ने उस मासूम शरीर को हमेशा के लिए खाक कर दिया।
उसकी बुआ, जो हर कदम पर उसके साथ थी, शोर मचाती रही, लेकिन तब तक दुष्ट फरार हो चुका था। अस्पताल के सफेद कमरे में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुआ की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि एकतरफा प्यार का नाम कभी कभी क्रूरता बन जाता है, और मासूमियत की कीमत सिर्फ कुछ पलों में चुकानी पड़ती है।






