Ranchi : राजधानी रांची के ठाकुरगांव थाना क्षेत्र के बगदा घाटी जंगल में जली हालत में मिले तीन डेड बॉडी की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक शख्स भागा-भागा ठाकुरगांव पहुंचा। उसे तीनों डेड बॉडी दिखाई गई। उसने पुलिस के सामने दावा किया कि यह तीनों लाशें उसकी पत्नी ममता और 8 साल के बेटे आर्यन एवं 5 साल के बेटे यशराज के हैं। ये तीनों लापता थे। तीनों डेड बॉडी के कुछ अवशेष ही बचे थे। ममता की दांत और चप्पल देख इस शख्स ने दावा किया है कि यह उसकी पत्नी और दोनों बेटे हैं। तीनों की हालत इतनी भयानक हो गई थी कि उन्हें पहचानना मुश्किल था।
विजेंद्र राम नाम के इस शख्स को पुलिस ने तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस को शक है कि विजेंद्र राम बहुत कुछ छुपा रहा है। उसके बयान भी विरोधाभाष हैं। खबर लिखे जाने तक पुलिस उससे सख्ती से पूछताछ कर रही थी। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस ट्रिपल मर्डर केस का खुलासा कर लिया जायेगा। 25 साल की ममता अपने दोनों बेटों के साथ रामगढ़ के बासल में रहती थी। उसका पति विजेंद्र राम बाहर महाराष्ट्र में नौकरी करता था। वो बीते 2 अप्रैल को रांची लौटा था। रांची में एक रोज रुकने के बाद वो 3 अप्रैल को रामगढ़ पहुंचा। वहां इसे पता चला कि उसकी पत्नी और दोनों बेटे गायब हैं। विजेंद्र ने पुलिस को बताया कि यह जानकारी उसे उनकी मां से मिली। इसके बाद उसने बासल थाने में गुमशुदगी की रपट दर्ज कराई। रांची पुलिस रामगढ़ पुलिस के संपर्क में है। वहीं विजेंद्र राम के पड़ोसियों से भी दोनों के रिश्ते के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। विजेंद्र के मोबाइल का लोकेशन और CDR भी खंगाला जा रहा है। ट्रिपल मर्डर केस में ठोस साक्ष्य और सबूत जुटाने में पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस काम में कई तेज-तर्रार पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है। रांची पुलिस कप्तान किशोर कौशल और रूरल एसपी मो. नौशाद आलम पूरे मामले की मॉनिटेरिंग खुद कर रहे हैं।
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