spot_img

बक्सा खुलवाते ही दंग रह गई पुलिस, अब नाम उछला खान साहब का…

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Ranchi : रांची की सुबह आसमान पर धुंध की हल्की चादर थी और न्यू मार्केट बस स्टैंड पर हलचल। यात्रियों की चिल्लाहट, चाय की दुकानों से उठता धुआं और बसों के इंजनों की गड़गड़ाहट के बीच किसी को अंदाजा भी नहीं था कि आज यहीं से एक खतरनाक खेल का परदाफाश होने वाला है। पटना से आई बस बाहर से साधारण, पर अंदर के बंद बक्सों में छिपा था दो करोड़ का जहरीला जाल, जाली नोटों की ऐसी खेप, जो रांची की गलियों को खून और धोखे से भर सकती थी। DSP प्रकाश सोय की आंखों में सतर्कता थी। सूचना पक्की थी, “बस स्टैंड पर मौत का माल उतरने वाला है।” उनकी टीम तैयार खड़ी थी। हर सिपाही के दिल की धड़कनें तेज थीं। बस की तलाशी शुरू हुई। यात्रियों का सामान, बोरियां, गठरियां सब एक-एक कर चेक किये जाने लगे। अचानक एक कोने में पड़े तीन लोहे के बक्से सबका ध्यान खींच लेते हैं। बक्से भारी थे, ताले मजबूत।

पसीने से तर एक युवक ने उन बक्सों को अपना बताया। उसकी आंखों में डर की परछाईं थी। “खोलो इसे…” आदेश गूंजा। ताले टूटे और ढक्कन उठा, अंदर रखे थे चमचमाते नोटों के बंडल, जिनकी गंध में असलीपन नहीं, बल्कि धोखे और मौत का जहर था। सिपाहियों की आंखें चौंधिया गईं। नोटों की गिनती करते-करते हाथ थमने लगे। करीब दो करोड़ रुपये, सब नकली। DSP ने गहरी सांस ली। “तो ये है वो सिंडिकेट, जिसकी परछाई रांची पर मंडरा रही थी।” गिरफ्तार दोनों युवक चुप थे, पर उनकी खामोशी चीख रही थी कि इनके पीछे कोई और है, कोई बड़ा नाम, कोई अदृश्य चेहरा…

सुखदेवनगर थाना की सलाखों के पीछे, रात गहरी थी, पर कमरे की टिमटिमाती बल्ब की रोशनी में दो चेहरे साफ दिख रहे थे, गिरफ्तार आरोपी। उनकी आंखों में नींद नहीं, डर था। पसीने की बूंदें ठंडी हवा में भी उनके माथे से फिसल रही थीं। DSP प्रकाश सोय ने घड़ी देखी। आधी रात बीत चुकी थी। मेज पर रखा पानी का गिलास untouched था। सामने रखे दो करोड़ के नकली नोटों के बंडल अब भी कमरे में मौत-सा सन्नाटा फैला रहे थे। “बोलो, किसके कहने पर लाये थे ये नोट?”  DSP की आवाज लोहे जैसी सख्त थी। पहला आरोपी, सूरज ठाकुर, होंठ भींचे चुप रहा। दूसरा, शिवम कुमार, घबराकर कांप उठा। उसकी आंखें भर आईं, “हमें कुछ नहीं पता साहब, हम तो बस बक्से पहुंचाने के लिये पैसे लेते थे, असली खेल किसी और का है।”

कमरे में सन्नाटा और गहरा गया। DSP ने मेज पर हाथ पटका, “कौन है वो? कौन है इस धंधे का मालिक?” सूरज ने सिर झुका लिया। गहरी आवाज में टूटी-फूटी बातें निकलीं, “साहब, पटना से एक आदमी है ‘खान साहब’ नाम से जाना जाता है। वही माल देता है, वही रांची में खपवाने का रास्ता दिखाता है।” नाम सुनते ही पुलिस टीम की रगों में सिहरन दौड़ गई।
‘खान साहब’—यह नाम पहले भी कई गुप्त रिपोर्टों में उभरा था। वह सिर्फ जाली नोटों का सौदागर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ा हुआ है। DSP की आंखों में अब एक नई चमक थी। “खेल अब दिलचस्प होगा, पटना से रांची तक की ये डोर हमें किसी बड़े सिंडिकेट के दरवाजे तक ले जायेगी।” रात की पूछताछ ने पुलिस को एक नया नाम दिया था, खान साहब। नाम ऐसा, जो रांची से लेकर पटना और कोलकाता तक अपराध की दुनिया में फुसफुसाहट की तरह सुना जाता है। कहते हैं, असली नाम कोई नहीं जानता। कोई उसे अली हसन बताता, तो कोई साहिल खान। पर अपराध की गलियों में वह सिर्फ खान साहब के नाम से जाना जाता है। नकली नोटों का किंग, जो असली से भी ज्यादा खतरनाक चलता था। खबर है कि पटना के एक पुराने मोहल्ले में एक जर्जर कोठी में एक प्रिंटिंग फैक्ट्री है, यहां मशीनें चलती थीं, पर किताबें नहीं छपतीं, यहां छपते थे नकली नोट, इतने खरे कि कई बार बैंकों के स्कैनर भी उन्हें पहचानने में नाकाम हो जाते।

खान साहब की कहानी

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक आला पुलिस अधिकारी ने बताया कि कभी ‘खान साहब’ पाकिस्तान सीमा से छोटे-छोटे पैकेट लाया करता था। धीरे-धीरे उसने अपने संपर्क बांग्लादेश और नेपाल तक फैला लिये। उसका असली हुनर था, गरीब और बेरोजगार युवाओं को लालच देकर अपने गिरोह में शामिल करना। कुछ पैसों की चाहत, कुछ मजबूरी और इन हाथों से उठाये जाते थे नकली नोटों के बक्से। खान साहब खुद कभी सामने नहीं आता। हमेशा परदे के पीछे से खेलता। बस उसके आदमी, डिलिवरी बॉयज, सब कुछ संभालते। लेकिन अब, पुलिस की गिरफ्त में आये सूरज और शिवम ने उस पर्दे का एक कोना हटा दिया था। DSP प्रकाश सोय ने उसी रात टीम बनाई। “अगर खेल खत्म करना है तो खान साहब तक पहुंचना होगा। रांची में नोट खपाने वाले तो मोहरे हैं, असली बाजीगर पटना में बैठा है।” अब रांची पुलिस की नजरें पटना की गलियों पर है।

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

फोन पर प्रेमी देता रहा आदेश, बहू करती रही क’त्ल…

Deoghar : देवघर के सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र के उपर...

JAC को मिला नया सचिव, कई जिलों में बदले DEO… देखें लिस्ट

Ranchi : झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग...

WhatsApp के इस फीचर पर सरकार सख्त, Meta को नोटिस

Kohramlive : बिना मोबाइल नंबर साझा किये चैटिंग की...

पहली बार रांची में होगा डूरंड कप, इस रोज से मुकाबले…

Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची पहली बार डूरंड...

CM हेमंत सोरेन से मिले चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, दिया न्योता

Ranchi : CM हेमंत सोरेन से बुधवार को कांके...