नयी दिल्ली : Delhi में किसानों के ट्रैक्टर मार्च के बवाल के बाद किसानों संगठनों के आंदोलन से हटने का सिलसिला शुरू हो गया। आंदोलन से जुड़े किसान संगठनों की बैठक के बाद दो किसान संगठनों ने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया। भारतीय किसान यूनियन (भानु) और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन आंदोलन से पीछे हट गए हैं। इधर पुलिस ने बवाल के बाद छह किसान नेताओं पर एफआईआर दर्ज की और 200 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।
हिंसक आंदोलन से हम अलग हो रहे
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के चीफ वीएम सिंह ने कहा कि दिल्ली में जो हंगामा और हिंसा हुई, उसकी जिम्मेदारी भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत को लेनी चाहिए। हम ऐसे किसी शख्स के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते, जिसकी दिशा कुछ और हो। मैं और मेरा संगठन इस आंदोलन से अलग हो रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, उससे मैं आहत हूं और 58 दिनों का अपना प्रोटेस्ट खत्म कर रहा हूं। किसान हल चलाता है, कुछ लोगों ने उन्हें पागल बना दिया।
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Delhi पुलिस एक्शन मोड में
रैली में हुए उपद्रव पर दिल्ली पुलिस बुधवार सुबह से ही एक्शन मोड में है। पुलिस ने हिंसा, तोड़फोड़ और नियम तोड़ने की घटनाओं पर 22 FIR दर्ज की हैं। एक FIR में छह किसान नेताओं को भी आरोपी बनाया गया है। ये नेता हैं राकेश टिकैत, दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह। ट्विटर ने रैली के दौरान हुई हिंसा से जुड़े 550 से ज्यादा अकाउंट सस्पेंड कर दिए।
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