Kohramlive : तेलांगाना के रामादुगु गांव में कर्ज के बोझ और लालच की आग में जलता हुआ ममीदी नरेश अपने ही भाई वेंकटेश के खिलाफ मौत की पटकथा लिखता रहा। मानसिक रूप से कमजोर लगभग 37 साल का वेंकटेश अपने ही भाई के हाथों मारा गया। नरेश ने चालाकी से वेंकटेश के नाम 4.14 करोड़ की इंश्योरेंस पॉलिसी कराई। वहीं, योजना बनाई कि भाई की हत्या कर उसे सड़क हादसा दिखाकर करोड़ों समेट लेना। लेकिन अपराध की धरती कभी पूरी तरह उपजाऊ नहीं होती, कहीं न कहीं से कोई ना कोई सच उग ही आता है। नरेश अकेला न था। उसके साथ नमुंडला राकेश और मुनीगला प्रदीप (टिपर ड्राइवर) थे। कहानी इतनी शातिर कि राकेश ने योजना की बातचीत का वीडियो ही रिकॉर्ड कर लिया। वही वीडियो बाद में सच का सबसे तेज गवाह बना। बीते 29 नवंबर की भोर में नरेश ने अपने भाई को
टिपर के पहियों तले कुचल दिया। वेंकटेश मौके पर ही मारा गया। इंश्योरेंस कंपनी को कहानी पर शक हुआ। पुलिस ने साइंटिफिक जांच की, कदम-कदम पर परछाइयों को टटोला और साजिश के हर धागे को खींचकर बाहर ले आई।करीमनगर पुलिस कमिश्नर गौश आलम ने मीडिया को बताया कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व-नियोजित, पूरी तरह लालची और पूरी तरह विश्वासघात की मिसाल थी। नरेश, राकेश और प्रदीप, तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
लालची भाई रिश्ते खा गये, कमजोर भाई को ऐसे निपटा डाला…
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