Bihar : एक बेटी के लापता होने की चिंता, फिर उसका शव मिलने का सदमा और उसके बाद इंसाफ की मांग में उबलता गुस्सा। बिहार के गोपालगंज के थावे में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लापता छात्रा संजना का शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर बढ़ा कि वे शव लेकर हत्या के आरोपित के घर के सामने पहुंच गये। वहां घर के मुख्य दरवाजे के पास लकड़ियां सजाकर शव रख दिया गया और आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि शव करीब ढाई घंटे तक जलता रहा। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया। हालात की गंभीरता को देखते हुये पुलिस ने मौके पर भारी संख्या में जवानों को तैनात किया। खबर है कि पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 5.30 बजे पोस्टमार्टम कराने के बाद छात्रा का शव परिजनों को सौंप दिया। इसके लगभग दो घंटे बाद, सुबह 7.30 बजे आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर हत्या के आरोपित के घर के सामने पहुंच गये। घर के मुख्य गेट के पास लकड़ियां सजाई गईं और शव को वहीं रखकर आग लगा दी गई। इस दौरान मौके पर पुलिस बल मौजूद था। घटना ने गांव के माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।
लापता होने के बाद मिला शव
घरवालों के मुताबिक, संजना बीते 12 अक्टूबर को बथान में पशुओं को चारा खिलाने गई थी। इसी दौरान पट्टीदार के घर की एक बुजुर्ग महिला ने उसे साबुन पहुंचाने के लिये कहा। इसके बाद संजना घर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक उसके नहीं लौटने पर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। संजना के चाचा ने थावे थाने में उसकी गुमशुदगी को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। बुधवार को गांव में एक पुराने मकान के पीछे छात्रा का शव मिलने की सूचना सामने आई। शव मिलने की खबर से इलाके में तहलका मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। संजना के सिर और गले पर गहरे चोट के निशान मिले थे। इन्हीं परिस्थितियों के कारण परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शव जलाये जाने की घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिये सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।








