Ranchi : राजधानी रांची के जुमार नदी तट पर आज एक साथ 29 लावारिस लाशों की चिता सजी। पूरे विधि-विधान से इन्हें अंतिम विदाई दी गई। ये नेक काम मुक्ति संस्था द्वारा किया गया। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने रिम्स मोर्चरी गृह से शवों को निकालकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाई। मुखाग्नि देने की जिम्मेदारी खुद प्रवीण लोहिया ने निभाई। इस दौरान संस्था के अन्य सदस्यों ने भी दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। प्रवीण लोहिया का कहना है कि जीवन का अंतिम पड़ाव सम्मान के साथ पूरा हो, यही मकसद लेकर मुक्ति संस्था निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य कर रही है।
अबतक 1946 लावारिसों का कर चुके हैं अंतिम संस्कार
संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने बताया कि अब तक मुक्ति संस्था 1,946 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। यह कार्य मानवता और करुणा का उदाहरण है, जिससे न जाने कितने बेसहारा लोगों को सम्मानजनक विदाई मिल पाई है। कार्यक्रम में अंतिम अरदास राहुल जायसवाल द्वारा की गई। संस्था का यह प्रयास समाज के लिये एक मिसाल है, जो दर्शाता है कि मानवता किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। मौके पर संस्था के कई सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने श्रद्धा और समर्पण के साथ इस कार्य को पूरा किया। मौके पर प्रवीण लोहिया, रवि अग्रवाल, सौरभ बथवाल, सुमित अग्रवाल, आर. के. गांधी, सीताराम कौशिक, विकास विजयवर्गीय, दिनेश गाबा, आदित्य शर्मा, संदीप कुमार, पंकज खिरवाल, हरीश नागपाल एवं विनोद सिन्हा मौजूद थे।








