Khunti : 12 साल के मासूम सैम की मौत तालाब में डूबने से हो गई। वह खूंटी के टंगराटोली गांव में रहनेवाले मुनूरेन होरो का इकलौता बेटा था। पिपराटोली के बीएम नेशनल स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता था। गुरुवार को दिन में वह अपने तीन दोस्तों के साथ तालाब की ओर घूमने निकल पड़ा। तालाब स्कूल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। उसके दोस्तों के अनुसार वह तालाब में हाथ-पैर धोने लगा। इसी दरम्यान उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में चला गया। सैम को डूबता देख उसके दोस्त चीखने-चिल्लाने लगे। उनकी चीख सुन थोड़ी दूर खेत में काम कर रहे कुछ लोग वहां पहुंचे। गाववालों ने तालाब से सैम को निकाला। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसकी सांसे भी नहीं चल रही थी। वह मर चुका था। सूचना साम के घरवालों को दी गई। घरवाले भागे-दौड़े तालाब के पास पहुंचे। अपने इकलौते बे की डेड बॉडी देख मानों उन्हें का मार गया। वहीं, मां आशा होरो दहाड़ मार-मार कर रोने लगी। सूचना पुलिस तक पहुंची। मौके पर पपहुंची पुलिस ने सैम की डेड बॉडी को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
मृतक सैम होरो के पिता मुनूरेन होरो ने बीएम नेशनल स्कूल के संचालक पर लापरवाही का इल्जाम लगाया है। उनका कहना है कि बेटा शाम तक स्कूल में ही रहता है। स्कूल में शाम तक कक्षाएं व कोचिंग क्लास होती है। मुनूरेन होरो ने स्कूल की सुरक्षा पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि स्कूल में रहने के दरम्यान बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की थी, तो फिर बेटा स्कूल से निकलकर डेढ़ किलोमीटर दूर तालाब में कैसे पहुंच गया। वहीं, मामले में स्कूल के संचालक ने मीडिया को बताया कि घना के दरम्यान वे रांची गये हुए थे। घटना खूंटी नगर पंचायत के हुटूबदाग बस्ती की है।
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